मंगलोर (हरिद्वार)। कस्बा मंगलोर में पत्रकार सुरक्षा और निष्पक्ष पुलिस कार्रवाई को लेकर एक गंभीर मामला सामने आया है। निष्पक्ष पत्रकारिता कर रहे AIMA मीडिया के रिपोर्टर सलीम अंसारी की पुरानी शिकायत पर कार्रवाई करने के बजाय, कथित तौर पर विपक्षी पक्ष से साठगांठ कर उन पर दबाव बनाने का मामला सामने आया है। क्या है पूरा मामला? प्राप्त जानकारी के अनुसार, गत 15 अक्टूबर 2026 को विपक्षी जमशेद अहमद द्वारा सोशल मीडिया (फेसबुक) पर पत्रकार सलीम अंसारी के खिलाफ भ्रामक, मानहानिकारक और आपत्तिजनक पोस्ट साझा की गई थी। इस संबंध में पीड़ित पत्रकार ने तुरंत थाना कोतवाली मंगलोर (हरिद्वार) में ऑनलाइन शिकायत (रिपोर्ट आईडी: HDR50717998) दर्ज कराई थी।
शिकायत अधिकारी स्तर (CO मंगलोर) तक पहुंचने के बावजूद, पुलिस प्रशासन द्वारा इस पर अब तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं की गई।
घर से उठवाने की धमकी और पुलिस की भूमिका पर सवाल पीड़ित पक्ष का आरोप है कि पुरानी शिकायत पर कार्रवाई न होने से मनबढ़ हुए विपक्षी जमशेद अहमद ने आज 19 अक्टूबर 2026 को थाना कोतवाली मंगलोर में एक फर्जी शिकायत दर्ज कराई। इसके साथ ही पत्रकार को फोन पर धमकी दी गई कि "तुरंत मंगलोर थाने आओ, वरना घर से उठवा देंगे। पत्रकार संघों और स्थानीय लोगों का कहना है कि:
पीड़ित की लिखित शिकायत पर पुलिस सुस्त नजर आ रही है, जबकि विपक्षी की शिकायत पर दबाव बनाया जा रहा है।
पत्रकार को खुलेआम फोन पर घर से उठवाने की धमकी देना कानून-व्यवस्था को सीधी चुनौती है।
यह सीधे तौर पर पुलिस की ढिलाई और मिलीभगत को उजागर करता है।
वरिष्ठ अधिकारियों से हस्तक्षेप की मांग
पत्रकार सुरक्षा को लेकर स्थानीय पत्रकारों में भारी रोष है। मीडिया संगठनों ने मांग की है कि:
पीड़ित पत्रकार सलीम अंसारी की शिकायत (HDR50717998) पर तुरंत निष्पक्ष FIR दर्ज कर कार्रवाई की जाए।
फोन पर धमकी देने और फर्जी शिकायत दर्ज कराने वाले आरोपी के खिलाफ कानूनी कार्रवाई हो।
मामले में शामिल पुलिसकर्मियों की भूमिका की उच्चस्तरीय जांच की जाए।