सांगली जिले में बढ़ती आपराधिक घटनाओं की पृष्ठभूमि में जत के विधायक गोपीचंद पड़लकर ने अपनी बेबाक भूमिका रखी। उन्होंने कहा कि जिले में अपराध को खत्म करना है तो दो-तीन एनकाउंटर हुए बिना अपराधियों में पुलिस का खौफ पैदा नहीं होगा। पुलिस को ‘फ्री हैंड’ देना जरूरी है।
जिले में कानून-व्यवस्था की स्थिति बेहद गंभीर है। हाल ही में कुपवाड़ में फरीद शेख द्वारा किए गए जानलेवा हमले में एक निर्दोष परिवार उजड़ गया। इस घटना के विरोध में शुक्रवार को सांगली बंद का निर्णय लिया गया है। साथ ही निषेध मार्च भी निकाला जाएगा। इसी पृष्ठभूमि में विधायक गोपीचंद पड़लकर ने पत्रकार परिषद में अपनी बेबाक भूमिका रखी।
जिले में बढ़ती आपराधिक घटनाएं और हत्या के मामले चिंता का विषय हैं। कानून-व्यवस्था पूरी तरह चरमरा गई है और समय रहते इस पर लगाम लगाने की आवश्यकता है, ऐसा मत उन्होंने व्यक्त किया।
उन्होंने इस दौरान उत्तर प्रदेश पैटर्न लागू करने का सुझाव भी दिया। पुलिस को उत्तर प्रदेश मॉडल का अध्ययन करने की सलाह देते हुए उन्होंने कहा कि जिस तरह उत्तर प्रदेश में अपराध पर लगाम लगाने के लिए कड़े कदम उठाए गए हैं, उसी तरह के सख्त कदम सांगली जिले में भी उठाए जाने चाहिए।
उन्होंने आगे कहा कि जब निर्दोष मासूम वेदांत बंडगर की हत्या हुई थी, तब आरोपी गडदे का एनकाउंटर पुलिस को कर देना चाहिए था, ऐसा उनका मत है।