नरवाड गांव के समग्र विकास का संकल्प, विकास कार्यों को मिल रही नई गति : सरपंच मारुति जमादार
महाराष्ट्र-कर्नाटक सीमा पर बसे नरवाड गांव को विकास की मुख्यधारा से जोड़ने का प्रयास; विधायक डॉ. सुरेशभाऊ खाडे के सहयोग से विभिन्न विकास कार्यों को गति
मिरज तहसील क्षेत्र में महाराष्ट्र और कर्नाटक की सीमा पर स्थित नरवाड गांव ऐतिहासिक पृष्ठभूमि वाला गांव है। गांव की अपनी अलग पहचान और समृद्ध परंपरा होने के बावजूद पिछले कुछ वर्षों में अपेक्षित गति से विकास कार्य नहीं हो पाने के कारण नागरिकों को अनेक समस्याओं का सामना करना पड़ रहा था।
गांव के सर्वांगीण विकास के उद्देश्य से पिछले पंचवर्षीय चुनाव में ग्रामीणों ने एकजुट होकर युवा नेतृत्व पर विश्वास जताया और मारुति जमादार को ग्राम पंचायत का लोकनियुक्त सरपंच चुना। सरपंच पद की जिम्मेदारी संभालने के बाद से मारुति जमादार ने गांव की मूलभूत समस्याओं को प्राथमिकता देते हुए विकास कार्यों के लिए लगातार प्रयास शुरू किए।
सरपंच मारुति जमादार का कहना है कि गांव के हित से जुड़े किसी भी निर्णय में समझौता नहीं किया जाएगा। ग्रामीणों की जरूरतों को समझकर शासन स्तर पर आवश्यक निधि उपलब्ध कराने के लिए जनप्रतिनिधियों के माध्यम से लगातार प्रयास किए जा रहे हैं।
विधायक डॉ. सुरेशभाऊ खाडे के सहयोग से करोड़ों की निधि
विशेष बातचीत में सरपंच मारुति जमादार ने कहा कि गांव के विकास के लिए मिरज तालुका के विधायक एवं पूर्व राज्य मंत्री डॉ. सुरेशभाऊ खाडे का महत्वपूर्ण सहयोग मिल रहा है। गांव की विभिन्न विकास संबंधी मांगों को शासन स्तर तक पहुंचाने और उसके लिए निधि उपलब्ध कराने के प्रयास किए गए हैं।
उन्होंने बताया कि विधायक डॉ. सुरेशभाऊ खाडे के विशेष प्रयासों से नरवाड गांव में करोड़ों रुपये के विभिन्न विकास कार्यों को गति मिली है। इससे ग्रामीणों में भी विकास को लेकर उम्मीद बढ़ी है। नरवाड-बेडग क्षेत्र में विकास कार्यों के लिए बड़ी निधि से संबंधित सार्वजनिक जानकारी भी सामने आई है।
ग्राम पंचायत भवन का निर्माण कार्य जारी
गांव में ग्राम पंचायत भवन के निर्माण का कार्य भी शुरू है। ग्राम पंचायत के लिए आधुनिक और सुविधायुक्त भवन उपलब्ध होने से प्रशासनिक कामकाज अधिक प्रभावी ढंग से संचालित करने में मदद मिलेगी। ग्रामीणों को विभिन्न सरकारी योजनाओं और ग्राम पंचायत से संबंधित सेवाएं एक ही स्थान पर उपलब्ध कराने की दिशा में यह महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।
सड़क, स्वच्छता और मूलभूत सुविधाओं पर जोर
सरपंच मारुति जमादार के अनुसार नरवाड के विकास को केवल एक क्षेत्र तक सीमित न रखते हुए समग्र विकास पर ध्यान दिया जा रहा है। गांव की सड़क व्यवस्था, स्वच्छता, पेयजल, सार्वजनिक सुविधाएं, स्ट्रीट लाइट, नाली व्यवस्था तथा अन्य मूलभूत सुविधाओं को बेहतर बनाने के लिए चरणबद्ध तरीके से प्रयास किए जा रहे हैं।
बारिश के मौसम में सड़क और जलनिकासी से संबंधित समस्याएं ग्रामीणों के लिए परेशानी का कारण बनती हैं। इसलिए भविष्य में ऐसी समस्याओं का स्थायी समाधान करने की दिशा में भी ग्राम पंचायत स्तर पर प्रयास किए जाने की बात सरपंच ने कही।
ग्रामीणों के विश्वास को बनाए रखना प्राथमिकता
सरपंच मारुति जमादार ने कहा कि उन्हें पद केवल राजनीतिक जिम्मेदारी के रूप में नहीं, बल्कि ग्रामीणों की सेवा की जिम्मेदारी के रूप में मिला है। ग्रामीणों ने जिस विश्वास के साथ उन्हें ग्राम पंचायत की जिम्मेदारी सौंपी है, उस विश्वास को बनाए रखना उनकी पहली प्राथमिकता है।
उन्होंने कहा कि गांव के विकास के लिए ग्राम पंचायत, ग्रामीणों और जनप्रतिनिधियों के बीच बेहतर समन्वय आवश्यक है। इसी समन्वय के माध्यम से विकास योजनाओं को प्रभावी ढंग से लागू किया जा सकता है।
“नरवाड को विकसित और आदर्श गांव बनाना लक्ष्य”
मारुति जमादार ने कहा कि आने वाले समय में नरवाड गांव को स्वच्छ, सुंदर, सुविधायुक्त और विकसित गांव बनाने की दिशा में काम किया जाएगा। युवाओं, किसानों, महिलाओं और सभी वर्गों की आवश्यकताओं को ध्यान में रखते हुए विकास की योजनाएं तैयार करने पर जोर दिया जाएगा।
उन्होंने कहा, “नरवाड गांव का सर्वांगीण विकास ही मेरा ध्येय है। ग्रामीणों ने जो विश्वास मुझ पर रखा है, उसे कभी टूटने नहीं दूंगा। गांव के विकास और ग्रामीणों के हित में जो भी आवश्यक होगा, उसे प्राथमिकता के साथ पूरा करने का प्रयास किया जाएगा।”
सरपंच ने विकास कार्यों के लिए सहयोग देने वाले जनप्रतिनिधियों, अधिकारियों और ग्रामीणों का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि नरवाड के विकास की यह शुरुआत है और आने वाले समय में गांव में और भी बड़े विकास कार्य दिखाई देंगे।