अयोध्या के श्रीराम मंदिर के प्रबंधन को अधिक सक्षम और पेशेवर स्वरूप देने के लिए सेवानिवृत्त एयर मार्शल जितेंद्र मिश्रा को मंदिर ट्रस्ट का पहला मुख्य कार्यकारी अधिकारी (CEO) नियुक्त किया गया है। खास बात यह है कि इस महत्वपूर्ण पद के लिए प्राप्त 5 हजार से अधिक आवेदनों में से जितेंद्र मिश्रा का चयन किया गया है।
राम मंदिर के बढ़ते धार्मिक, प्रशासनिक और आर्थिक प्रबंधन के विस्तार को देखते हुए CEO पद का सृजन किया गया है। मंदिर के दैनिक प्रबंधन के साथ-साथ आर्थिक लेन-देन में पारदर्शिता, जवाबदेही और कुशल प्रशासन सुनिश्चित करने की महत्वपूर्ण जिम्मेदारी जितेंद्र मिश्रा के कंधों पर होगी।
सेवानिवृत्त एयर मार्शल के रूप में जितेंद्र मिश्रा का लंबा प्रशासनिक और नेतृत्व अनुभव मंदिर प्रबंधन के लिए महत्वपूर्ण साबित होने की उम्मीद है। बड़ी संख्या में आने वाले श्रद्धालुओं के प्रबंधन, विभिन्न विभागों के बीच समन्वय, सुरक्षा व्यवस्था, दान राशि के प्रबंधन और प्रशासनिक कार्यक्षमता जैसे क्षेत्रों में उनके अनुभव का लाभ मिलने की संभावना है।
राम मंदिर को देश-विदेश से बड़ी मात्रा में दान प्राप्त होता है, इसलिए आर्थिक प्रबंधन बेहद महत्वपूर्ण विषय है। इससे पहले दान राशि की चोरी को लेकर हुए विवाद के कारण मंदिर के आर्थिक प्रबंधन पर सवाल उठे थे। इस पृष्ठभूमि में जितेंद्र मिश्रा की CEO के रूप में नियुक्ति को विशेष महत्व दिया जा रहा है।
मंदिर के आर्थिक लेन-देन में पारदर्शिता, निधि का उचित उपयोग, प्रशासनिक जवाबदेही और प्रबंधन में अनुशासन को प्राथमिकता देना उनके सामने बड़ी चुनौती होगी।
CEO पद के लिए देशभर से बड़ी संख्या में आवेदन प्राप्त हुए थे। इनमें से 5 हजार से अधिक आवेदकों की छंटनी के बाद जितेंद्र मिश्रा का चयन किया गया। इससे उनके अनुभव के साथ-साथ नेतृत्व क्षमता और प्रशासनिक कौशल पर भी विश्वास व्यक्त किया गया है।
राम मंदिर की भव्यता को अब सक्षम, अनुशासित और पारदर्शी प्रबंधन से जोड़ने की जिम्मेदारी जितेंद्र मिश्रा के कंधों पर आ गई है।