संवाददाता सलीम अंसारी सत्यार्थ न्यूज हरिद्वार जिले में (विशेषकर रुड़की और मंगलौर क्षेत्र) कोई अधिकृत स्लॉटर हाउस (बूचड़खाना) न होने के बावजूद बड़े पैमाने पर अवैध कटान हो रहा है। उत्तर प्रदेश (सहारनपुर, कैराना) की फैक्ट्रियों से आने वाली सीमित वैध सप्लाई के बिलों का इस्तेमाल कर स्थानीय स्तर पर अवैध रूप से काटे गए मीट को कागजों में वैध दिखाया जा रहा है।
सप्लाई और खपत में भारी अंतर जिले में प्रतिदिन करीब 20 टन से अधिक मीट की खपत होती है, जबकि बाहर से आने वाली वैध सप्लाई केवल 10 कुंतल (1 टन) से भी कम है। इस बड़े अंतर को फर्जी बिलों और अवैध कटान के जरिए पूरा किया जा रहा है। रुड़की को इस पूरे मीट माफिया नेटवर्क का सेंटर पॉइंट बनाया गया है, जहाँ से सलेमपुर और जिले के अन्य हिस्सों में अवैध मीट की सप्लाई की जाती है।
हाल ही में हुई पुलिस कार्रवाई और जांच से पता चला है कि इस कारोबार में बिल तैयार करने वालों से लेकर ट्रांसपोर्टरों और कई अन्य स्तरों पर मिलीभगत शामिल है। भैंस वंशीय पशुओं के अवैध कटान की आड़ में गौकशी को बढ़ावा मिलने की भी शिकायतें और आशंकाएँ सामने आ रही हैं।
बिना किसी वैध स्लॉटर हाउस के इतने बड़े स्तर पर चल रहे इस अवैध नेटवर्क पर अब तक कोई प्रभावी और ठोस कार्रवाई क्यों नहीं हो पाई है?
रुड़की-मंगलौर में बड़े पैमाने पर अवैध कटान, UP की फैक्ट्रियों से कागजी ढाल बनाकर चलाया जा रहा मीट माफिया का खेल
07 September 2026
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Mohammed Salim Ansari
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2 Min Read
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Published:
07 September 2026, 11:13 PM
Last Updated:
08 September 2026, 04:49 PM
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By Mohammed Salim Ansari
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