मतदाता सूची को त्रुटिरहित एवं सटीक बनाने के लिए संबंधित नियुक्त एजेंसियां विशेष संक्षिप्त पुनरीक्षण का कार्य प्रभावी ढंग से पूरा करें। एक भी पात्र मतदाता का नाम मतदाता सूची से वंचित न हो, इसका विशेष ध्यान रखा जाए। मतदाता सूची पुनरीक्षण की प्रक्रिया निष्पक्ष, पारदर्शी एवं सर्वसमावेशी तरीके से संचालित की जाए, ऐसे निर्देश पुणे विभागीय आयुक्त तथा मतदाता सूची निरीक्षक शीतल तेली-उगले ने आज यहां दिए।
मतदाता सूचियों के विशेष गहन पुनरीक्षण 2026 कार्यक्रम के अंतर्गत मतदाता पंजीकरण अधिकारियों के साथ आयोजित समीक्षा बैठक की अध्यक्षता करते हुए वे बोल रही थीं। जिलाधिकारी कार्यालय में आयोजित इस बैठक में जिलाधिकारी डॉ. मैनाक घोष, पुणे विभागीय आयुक्त कार्यालय के सहआयुक्त तथा सांगली जिला नोडल अधिकारी संतोष भोर, उपजिला निर्वाचन अधिकारी नीता शिंदे, सभी मतदाता पंजीकरण अधिकारी रघुनाथ पोटे, रणजीत भोसले, श्रीनिवास अर्जुन, डॉ. प्रकाश बांदल, विजया यादव, समाधान शेंडगे, अजयकुमार नष्टे एवं विशाल यादव उपस्थित थे।
मतदाता सूचियों के विशेष गहन पुनरीक्षण 2026 कार्यक्रम के अंतर्गत प्रारूप मतदाता सूची प्रकाशित की गई है। दावे एवं आपत्तियां 30 सितंबर तक दर्ज की जाएंगी। नोटिस तथा दावे एवं आपत्तियों के निपटारे के लिए 31 अगस्त से 29 अक्टूबर तक की अवधि निर्धारित की गई है। इसके बाद 4 नवंबर 2026 को अंतिम मतदाता सूची प्रकाशित की जाएगी।
इसी के तहत मतदाता सूची निरीक्षक शीतल तेली-उगले प्रत्येक जिले में तीन दौरे करेंगी। इनमें से पहला दौरा आज किया गया। इस दौरान उन्होंने मतदाता सूचियों के विशेष गहन पुनरीक्षण 2026 कार्यक्रम की विस्तृत समीक्षा की।
मतदाता सूची पुनरीक्षण प्रक्रिया में कोई भी पात्र मतदाता पंजीकरण से वंचित न रहे। साथ ही, अपात्र अथवा गलत प्रविष्टियों के संबंध में नियमानुसार कार्रवाई सुनिश्चित करने के लिए संबंधित तंत्र द्वारा पूरी गंभीरता एवं सावधानी से कार्य किया जाए, यह निर्देश देते हुए मतदाता सूची निरीक्षक शीतल तेली-उगले ने कहा कि विशेष गहन पुनरीक्षण 2026 कार्यक्रम के अंतर्गत निर्वाचन क्षेत्रवार नियुक्त मतदाता पंजीकरण अधिकारी समयबद्ध कार्यक्रम तैयार कर निर्धारित अवधि में इसे पूरा करें।
इसके लिए जिला स्तर पर आवश्यक समन्वय स्थापित किया जाए तथा नियमित रूप से समीक्षा की जाए। मतदाता सूची में प्रविष्टियां सटीक एवं अद्यतन रहें, इसके लिए नियुक्त प्रत्येक अधिकारी एवं कर्मचारी अपनी जिम्मेदारी पूरी निष्ठा से निभाएं। मतदाता सूची पुनरीक्षण प्रक्रिया में मतदाता पंजीकरण अधिकारी, सहायक मतदाता पंजीकरण अधिकारी एवं बीएलओ के बीच समन्वय को और अधिक प्रभावी बनाया जाए, ऐसा भी उन्होंने कहा।
मतदाता सूची निरीक्षक शीतल तेली-उगले ने कहा कि दावे एवं आपत्तियों की सुनवाई के लिए मतदाताओं की सुविधा के अनुरूप स्थान का चयन किया जाए। बीएलओवार सुनवाई आयोजित करने से सभी के लिए अधिक सुविधा होगी। मतदाताओं को किसी भी प्रकार की असुविधा न हो, इसका विशेष ध्यान रखा जाए। दावे एवं आपत्तियों का समय पर निपटारा किया जाए। सामूहिक रूप से प्रस्तुत किए जाने वाले आवेदन किसी भी परिस्थिति में स्वीकार नहीं किए जाएं, इसका ध्यान रखा जाए।
दस्तावेजों के सत्यापन के लिए जिला स्तरीय समिति का गठन किया जाए। SVEEP अभियान के अंतर्गत अधिक से अधिक जनजागरूकता अभियान चलाया जाए, ऐसे निर्देश भी उन्होंने दिए।
राजनीतिक दलों के प्रतिनिधियों के साथ भी बैठक
इस बैठक के बाद मतदाता सूची निरीक्षक शीतल तेली-उगले ने राजनीतिक दलों के प्रतिनिधियों के साथ स्वतंत्र बैठक की। इस दौरान उन्होंने मतदाता सूची को अधिक सटीक एवं पारदर्शी बनाने के लिए विशेष गहन पुनरीक्षण कार्यक्रम में राजनीतिक दलों से सहयोग करने का आह्वान किया।
साथ ही, एक ही परिवार के मतदाता एक ही मतदान केंद्र पर रहें, इस संबंध में उपस्थित प्रतिनिधियों द्वारा की गई मांग पर मतदाता सूची निरीक्षक शीतल तेली-उगले ने भारत निर्वाचन आयोग के निर्देशों के अनुसार मतदान केंद्रों के युक्तिसंगतीकरण की प्रक्रिया करने के निर्देश संबंधित अधिकारियों को दिए।
इस अवसर पर राजनीतिक दलों के प्रतिनिधियों ने मतदाता सूची पुनरीक्षण प्रक्रिया के दौरान आने वाली कठिनाइयों, मतदाताओं की प्रविष्टियों से संबंधित सुझाव तथा क्षेत्रीय स्तर की विभिन्न समस्याओं को अधिकारियों के समक्ष रखा।