पुणे राजस्व संभाग के जिन तालुकों में सूखा घोषित नहीं किया गया है, वहां भी पानी की कमी, फसलों की स्थिति और उपलब्ध जलस्रोतों की स्थिति गंभीर होती जा रही है। इसलिए इन तालुकों को भी सूखाग्रस्त तालुकों की सूची में शामिल किया जाए, ऐसी मांग भाजपा नेता तथा क्रांति चीनी मिल के चेयरमैन शरद लाड ने की है। इस संबंध में मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस, राजस्व मंत्री चंद्रशेखर बावनकुले, उपमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे और कृषि मंत्री दत्तात्रय भरणे से मुलाकात कर संबंधित तालुकों की स्थिति की तकनीकी जानकारी एवं वास्तविक स्थिति उनके सामने रखते हुए ज्ञापन सौंपा जाएगा, ऐसी जानकारी लाड ने दी।
इस संबंध में जारी प्रेस विज्ञप्ति में लाड ने कहा कि वर्तमान में पुणे राजस्व संभाग के पुणे, सोलापुर, सांगली, सातारा और कोल्हापुर इन पांच जिलों के कुछ तालुकों को खरीफ सीजन 2026 के प्रथम ट्रिगर (Trigger-1) के तहत सूखाग्रस्त तालुकों की सूची में शामिल किया गया है। हालांकि, शेष तालुकों में भी बारिश के असमान वितरण, जलस्रोतों में उपलब्ध पानी, फसलों की स्थिति और आने वाले समय में पानी की कमी के खतरे को देखते हुए वहां की स्थिति पर स्वतंत्र रूप से विचार करने की आवश्यकता है।
किन तालुकों को सूखाग्रस्त सूची में शामिल किया गया
पुणे जिला :
सूखा घोषित: भोर, वेल्हा, खेड़, शिरूर, बारामती, इंदापुर, दौंड, पुरंदर।
सूखा घोषित नहीं: जुन्नर, आंबेगांव, मावल, मुलशी, हवेली, पुणे शहर।
सोलापुर जिला :
सूखा घोषित: उत्तर सोलापुर, दक्षिण सोलापुर, बार्शी, अक्कलकोट, मोहोळ, माढ़ा, करमाला, पंढरपुर, सांगोला, माळशिरस, मंगळवेढ़ा।
सूखा घोषित नहीं: एक भी तालुका नहीं।
सांगली जिला :
सूखा घोषित: मिरज, आटपाडी, जत, कवठे महांकाळ।
सूखा घोषित नहीं: शिराला, वालवा, पलूस, कडेगांव, खानापुर (विटा), तासगांव।
सातारा जिला :
सूखा घोषित: सातारा, खटाव, माण, फलटण, खंडाला, महाबलेश्वर।
सूखा घोषित नहीं: कराड, वाई, कोरेगांव, पाटण, जावली।
कोल्हापुर जिला :
सूखा घोषित: पन्हाला, राधानगरी, गगनबावड़ा, भुदरगढ़, आजरा, चंदगढ़।
सूखा घोषित नहीं: करवीर, कागल, शाहूवाड़ी, हातकणंगले, शिरोळ, गडहिंग्लज।
सूखा राहत में मिलने वाली रियायतों का भी विस्तार करने की मांग
सूखाग्रस्त तालुकों को सरकार की ओर से दी जाने वाली रियायतों का लाभ उन तालुकों के किसानों और नागरिकों को भी दिया जाए, जहां सूखा घोषित नहीं हुआ है, लेकिन वास्तव में सूखे जैसी परिस्थितियों का सामना करना पड़ रहा है। यह मांग शरद लाड मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस के समक्ष रखेंगे।
इनमें भूमि राजस्व में छूट, सहकारी ऋण का पुनर्गठन, कृषि संबंधी ऋण की वसूली पर रोक, कृषि पंपों के चालू बिजली बिल में 33.5 प्रतिशत की छूट, स्कूली एवं महाविद्यालयीन विद्यार्थियों की परीक्षा फीस में माफी, रोजगार गारंटी योजना के कार्यों के मानदंडों में शिथिलता, आवश्यकता के अनुसार टैंकरों के माध्यम से पेयजल की आपूर्ति तथा जिन गांवों में पानी की कमी घोषित की गई है, वहां बकाया राशि के कारण कृषि पंपों का बिजली कनेक्शन नहीं काटना जैसी रियायतें पात्र किसानों एवं नागरिकों को भी देने का निर्णय सरकार द्वारा लिया जाए, ऐसी मांग लाड रखेंगे।
तकनीकी मानकों के साथ वास्तविक स्थिति रखेंगे
केवल किसी तालुका को सूखाग्रस्त घोषित किया गया है या नहीं, इसी आधार पर स्थिति का आकलन करने के बजाय संबंधित तालुकों में वर्षा की मात्रा, उपलब्ध जलसाठा, भूजल स्तर, फसलों की स्थिति, बुवाई का क्षेत्र, फसलों का नुकसान, सिंचाई की उपलब्धता और आगामी समय में पानी की कमी की संभावना जैसे विभिन्न पहलुओं पर विचार करके निर्णय लिया जाए, ऐसी भूमिका शरद लाड मुख्यमंत्री के समक्ष रखेंगे।
“जिन तालुकों में पानी की कमी और फसलों का नुकसान गंभीर है, वहां के किसानों को सूखाग्रस्त तालुकों की तरह ही सरकार की सहायता और रियायतों का लाभ मिलना आवश्यक है। इसके लिए मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस से आग्रह करूंगा।”
— शरद लाड, भाजपा नेता एवं चेयरमैन, क्रांति चीनी मिल