पीलीभीत/कलीनगर। लंबे समय से लंबित मांगों को लेकर उत्तर प्रदेश लेखपाल संघ तहसील कलीनगर
ने आर-पार की लड़ाई का ऐलान कर दिया है। शनिवार को संघ के पदाधिकारियों ने मुख्यमंत्री को संबोधित ज्ञापन उपजिलाधिकारी कलीनगर को सौंपकर शासन स्तर पर अटकी मांगों के त्वरित निस्तारण की मांग की। संघ ने दो टूक चेतावनी दी है कि यदि समय रहते समाधान नहीं हुआ, तो प्रदेश भर के लेखपाल 17 अक्टूबर 2026 से पूर्ण कार्य बहिष्कार पर चले जाएंगे।
ज्ञापन में पदाधिकारियों ने कहा कि राजस्व प्रशासन की रीढ़ होने के बावजूद लेखपाल संवर्ग वेतन विसंगति, पदोन्नति में देरी, स्थानांतरण पर रोक और बढ़ते कार्यभार की मार झेल रहा है।
प्रमुख मांगें जिन पर संघ ने जताया रोष:
10 वर्षों से 2800 ग्रेड पे का इंतजार: संघ ने बताया कि 2800 ग्रेड पे और वेतन विसंगति दूर करने की मांग पिछले एक दशक से लंबित है। पूर्व पत्राचारों का हवाला देते हुए इस पर तत्काल शासनादेश जारी करने की मांग की गई।
आठ साल से अटके अंतरमंडलीय तबादले: करीब 8 वर्षों से अंतरमंडलीय स्थानांतरण न होने के कारण सैकड़ों लेखपाल अपने गृह मंडल व जनपद से सैकड़ों किलोमीटर दूर सेवाएं देने को मजबूर हैं। संघ ने स्थानांतरण के लिए ऑनलाइन पोर्टल अविलंब दोबारा खोलने की मांग उठाई।
पदोन्नति सूची तत्काल हो जारी: चयन वर्ष 2025-26 के तहत विभागीय पदोन्नति समिति (DPC) की प्रक्रिया पूरी होने के बाद भी सूची जारी नहीं की गई है, जिससे कर्मचारियों में भारी निराशा है।
नवनियुक्त लेखपालों का स्थायीकरण व परिणाम: चयन वर्ष 2024 के नवनियुक्त लेखपालों की प्रशिक्षण परीक्षा का परिणाम, प्रमाण पत्र जारी करने और उनके स्थायीकरण की प्रक्रिया में तेजी लाने का अनुरोध किया गया।
तकनीकी पद और संसाधन: लेखपालों से अधिकांश कार्य ऑनलाइन कराए जा रहे हैं, इसलिए इस पद को तकनीकी पद घोषित किया जाए तथा कार्य संचालन के लिए उच्च गुणवत्ता वाले लैपटॉप, मोबाइल और आवश्यक डिजिटल संसाधन उपलब्ध कराए जाएं।
प्रशासनिक कार्यों के ठप होने का अंदेशा
संघ के प्रतिनिधियों ने स्पष्ट किया कि यदि शासन ने मांगों पर सकारात्मक रुख नहीं अपनाया, तो 17 अक्टूबर से संपूर्ण कार्य बहिष्कार शुरू कर दिया जाएगा। इस दौरान आमजन व सरकारी कामकाज प्रभावित होने की पूरी जिम्मेदारी राजस्व परिषद और शासन की होगी।