झांसी के मऊरानीपुर में 'काली सरकार बाबा' के नाम से मशहूर सत्यानंद शुक्ला का असली सच सामने आ गया है।
जिस बाबा के दरबार में रोज 2500-3000 लोग अपनी बीमारी ठीक कराने आते थे, जिसके शिष्यों में MP के मंत्री तक शामिल हैं और जिसके Instagram पर 1 लाख से ज्यादा फॉलोअर्स हैं, वो असल में हरदोई का हिस्ट्रीशीटर प्रदीप शुक्ला उर्फ नटरोज निकला।
1993 के लूट के मामले में वांछित था और पिछले 12 साल से पुलिस को चकमा देकर झांसी में बाबा बनकर रह रहा था। SSP तक पहुंची धमकी की एक शिकायत ने 22 साल पुराने राज से पर्दा उठा दिया।
सोचने वाली बात है - आस्था के नाम पर कैसे लोग सिस्टम को धोखा देते हैं?