महाराष्ट्र के राजस्व एवं वन विभाग की ओर से जमीन के लेन-देन में पारदर्शिता और सरलता लाने के लिए ‘महाभूमि स्टैक’ नामक एकीकृत प्रणाली का शुभारंभ किया गया। मंत्रालय में आयोजित इस महत्वपूर्ण समारोह में मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस, उपमुख्यमंत्री सुनेत्रा अजित पवार, राजस्व मंत्री चंद्रशेखर बावनकुले और वन मंत्री गणेश नाईक सहित मंत्रिमंडल के अन्य सदस्य उपस्थित रहे।
पहले नागरिकों को 7/12 उतारा, भू-नक्शे और जमीन की खरीद-बिक्री के पंजीकरण जैसी सेवाओं के लिए अलग-अलग वेबसाइटों का इस्तेमाल करना पड़ता था। अब इन सभी बिखरी हुई व्यवस्थाओं को एकीकृत कर 10 महत्वपूर्ण सेवाओं के लिए एक ही डिजिटल प्रवेशद्वार उपलब्ध कराया गया है।
इस महा-डिजिटल भंडार में 3.5 करोड़ से अधिक अधिकार अभिलेख, 1.5 करोड़ से अधिक भू-नक्शे एवं संपत्ति पत्रिकाएं, 40 करोड़ से अधिक ऐतिहासिक स्कैन किए गए फेरफार रिकॉर्ड और पुराने अभिलेख उपलब्ध होंगे। इसके साथ ही पंजीकरण विभाग के दस्तावेज क्रमांक-2 की प्रतियां तथा राजस्व न्यायालयों में चल रहे मामलों की अद्यतन स्थिति भी इस प्रणाली के माध्यम से उपलब्ध होगी।
इस प्रणाली के कारण किसी भी जमीन के मालिकाना हक और उससे जुड़ी विस्तृत जानकारी एक क्लिक पर तत्काल प्राप्त करना संभव होगा। इससे जमीन के लेन-देन में होने वाली धोखाधड़ी पर रोक लगाने के साथ ही राज्य में निवेश और आर्थिक विकास को भी बड़ी गति मिलेगी, ऐसा विश्वास मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने व्यक्त किया।