कोल्हापुर जिले के श्री क्षेत्र ज्योतिबा डोंगर में श्रावण षष्ठी के अवसर पर श्रद्धालुओं की भारी भीड़ उमड़ने से पूरा डोंगर भक्तों से गुलजार हो गया। गुलाल और नारियल की उधळण तथा ‘केदारनाथ’ के जयघोष से पूरा परिसर भक्तिमय हो उठा।
श्रावण षष्ठी के अवसर पर ज्योतिबा डोंगर में सोमवार से ही श्रद्धालुओं की बड़ी भीड़ जुटने लगी थी। इस यात्रा की खासियत यह है कि यह यात्रा रातभर चलती है। मंदिर में धूप आरती सहित विभिन्न धार्मिक कार्यक्रम आयोजित किए जाते हैं। पश्चिम महाराष्ट्र और कर्नाटक से बड़ी संख्या में श्रद्धालु ज्योतिबा के दर्शन के लिए यहां पहुंचते हैं।
श्रावण षष्ठी यात्रा का समापन मंगलवार शाम धूप आरती के साथ हुआ। यात्रा के दौरान श्रद्धालु स्थानीय पुजारियों के घरों में ठहरे हुए थे। इस यात्रा के अवसर पर यहां घर-घर में पूर्णपोली का नैवेद्य चढ़ाया जाता है।
लगातार तीन वर्षों तक श्रावण षष्ठी यात्रा के अवसर पर चोपडाई देवी को साड़ी-चोली अर्पित कर अभिषेक करने और षष्ठी उजवण्याचा धार्मिक विधि यहां के पुजारी मंडल द्वारा किया जाता है।
डोंगर की चोटी पर स्थित इस मंदिर परिसर में घना कोहरा और रिमझिम बारिश के बावजूद श्रद्धालुओं ने बड़ी मात्रा में गुलाल और नारियल की उधळण की। पुजारियों के घरों में श्रद्धालुओं ने पूर्णपोली का नैवेद्य ग्रहण कर षष्ठी का उपवास खोला। इसके बाद नारियलयुक्त नींबू का ‘राखणीचा नारळ’ लेकर श्रद्धालु अपने लौटने के सफर पर रवाना हुए।