राज्यभर में इस समय महावितरण द्वारा ग्राहकों के घरों में स्मार्ट मीटर लगाए जाने का मुद्दा चर्चा में है। स्मार्ट मीटर लगाने को लेकर ग्राहकों के मन में कई तरह की धारणाएं और भ्रांतियां हैं। इसी पृष्ठभूमि में महावितरण की ओर से ‘स्मार्ट मीटर संवाद’ कार्यक्रम का आयोजन कर स्मार्ट मीटर के उपयोग, फायदे और तकनीकी विशेषताओं के बारे में पत्रकारों को प्रत्यक्ष प्रात्यक्षिक के माध्यम से जानकारी दी गई।
इस कार्यक्रम में महावितरण के कोल्हापुर परिमंडल के मुख्य अभियंता स्वप्नील काटकर ने पत्रकारों के विभिन्न सवालों का जवाब देते हुए स्मार्ट मीटर को लेकर मौजूद शंकाओं का समाधान किया।
स्मार्ट मीटर की पूरी कहानी समझाई
इस अवसर पर विद्युत अभियंता राजेंद्र सूर्यवंशी ने स्मार्ट मीटर की तकनीकी यात्रा और उसके विकास की जानकारी दी। उन्होंने एक वीडियो प्रस्तुति के माध्यम से पुराने विद्युत मीटर से लेकर वर्तमान आधुनिक स्मार्ट मीटर तक का सफर समझाया। स्मार्ट मीटर किस प्रकार विकसित हुआ और आधुनिक विद्युत व्यवस्था में उसकी आवश्यकता क्यों महसूस हुई, इसकी जानकारी भी उन्होंने दी।
सुबह 9 से शाम 6 बजे तक प्रति यूनिट 85 पैसे की बचत का दावा
मुख्य अभियंता स्वप्नील काटकर ने स्मार्ट मीटर लगाने के पीछे महावितरण का उद्देश्य स्पष्ट किया। उन्होंने बताया कि पुराने मीटर की तुलना में स्मार्ट मीटर के माध्यम से घरेलू ग्राहकों को बिजली के उपयोग और बिल की जानकारी अधिक प्रभावी ढंग से मिल सकती है।
उन्होंने बताया कि सुबह 9 बजे से शाम 6 बजे तक बिजली की प्रत्येक यूनिट पर 85 पैसे तक की बचत होने का लाभ ग्राहकों को मिल रहा है। साथ ही, घरों में लगाए जाने वाले सौर ऊर्जा प्रकल्पों के साथ स्मार्ट मीटर की भूमिका भी महत्वपूर्ण है। इससे मासिक बिजली बिल में बचत करने में ग्राहकों को मदद मिल सकती है।
विश्रामबाग स्थित स्मार्ट मीटर टेस्टिंग लैब का दौरा
पत्रकारों को सांगली के विश्रामबाग परिसर स्थित स्मार्ट मीटर टेस्टिंग लैब का प्रत्यक्ष दौरा भी कराया गया। यहां स्मार्ट मीटर की जांच और तकनीकी परीक्षण किस प्रकार किए जाते हैं, इसकी जानकारी दी गई।
अधिकारियों के अनुसार, इस प्रकार की अत्याधुनिक परीक्षण व्यवस्था जिला स्तर पर स्थापित की गई है और इस व्यवस्था पर करीब 1.50 करोड़ रुपये खर्च किए गए हैं। स्मार्ट मीटर से संबंधित शिकायतों और तकनीकी समस्याओं का परीक्षण कर उनका निवारण भी इस व्यवस्था के माध्यम से किया जाता है। अधिकारियों ने बताया कि कई शिकायतों का समाधान कुछ ही घंटों में किया जा सकता है।
पत्रकारों ने उठाए तकनीकी सवाल
कार्यक्रम के दौरान लोकशाही वृत्तवाहिनी के संजय देसाई और एबीपी माझा के सांगली जिला प्रतिनिधि कुलदीप माने ने स्मार्ट मीटर को लेकर कुछ सवाल और शंकाएं रखीं। वहीं आईबीएन-7 के वार्ताहर आसिफ मुरसल ने स्मार्ट मीटर की तकनीकी गुणवत्ता को लेकर सवाल उपस्थित किया।
इन सभी सवालों का मुख्य अभियंता स्वप्नील काटकर तथा संबंधित अभियंताओं ने तकनीकी जानकारी के साथ जवाब दिया और पत्रकारों की शंकाओं का समाधान किया।
ये अधिकारी रहे उपस्थित
कार्यक्रम में विशेष अतिथि के रूप में जिला सूचना अधिकारी संप्रदा बिडकर उपस्थित थीं।
इसके अलावा मुख्य अभियंता स्वप्नील काटकर, अधीक्षक अभियंता अमित बोकिल, कार्यकारी अभियंता आशिष मेहता (सांगली शहर विभाग), कार्यकारी अभियंता गोविंद वरपे (चाचणी विभाग), कार्यकारी अभियंता युवराज पाटील (सांगली ग्रामीण विभाग), कुमार चव्हाण एवं सौ. जोशी (उपकार्यकारी अभियंता, प्रादेशिक प्रशिक्षण केंद्र सांगली), राजेंद्र सूर्यवंशी (उपकार्यकारी अभियंता, चाचणी विभाग) सहित महावितरण के अनेक अधिकारी और कर्मचारी उपस्थित थे।
महावितरण की इस पहल का मुख्य उद्देश्य स्मार्ट मीटर को लेकर ग्राहकों में जागरूकता बढ़ाना, तकनीकी जानकारी उपलब्ध कराना तथा मीटर से संबंधित गलतफहमियों को दूर करना बताया गया।