पीलीभीत: संत कबीर नगर से स्थानांतरित होकर आए 2014 बैच के आईएएस अधिकारी आलोक कुमार ने बुधवार को औपचारिक रूप से पीलीभीत के नए जिलाधिकारी (डीएम) के रूप में कार्यभार ग्रहण कर लिया।
बुधवार सुबह ठीक 10 बजे कलेक्ट्रेट परिसर पहुंचने पर पुलिस की टुकड़ी ने उन्हें गार्ड ऑफ ऑनर दिया। इसके उपरांत एडीएम और सीडीओ सहित जिले के वरिष्ठ प्रशासनिक अधिकारियों ने पुष्पगुच्छ भेंट कर नवागत डीएम का स्वागत किया। कलेक्ट्रेट स्थित जिलाधिकारी कार्यालय में वरिष्ठ अधिकारियों की उपस्थिति में उन्होंने पदभार ग्रहण करने की औपचारिक प्रक्रिया पूरी की।
जनसुनवाई और पारदर्शिता पर विशेष जोर
चार्ज संभालने के तुरंत बाद नवागत डीएम ने प्रशासनिक अधिकारियों के साथ बैठक कर अपनी कार्ययोजना और प्राथमिकताएं साझा कीं। उन्होंने स्पष्ट किया कि कार्यालय आने वाले प्रत्येक फरियादी की समस्या को संवेदनशीलता और गंभीरता से सुना जाएगा। शिकायतों के त्वरित, निष्पक्ष और पारदर्शी निस्तारण के निर्देश देते हुए उन्होंने कहा कि किसी भी स्तर पर लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी, ताकि आमजन को कार्यालयों के अनावश्यक चक्कर न काटने पड़ें।
अंतिम व्यक्ति तक पहुंचे जनकल्याणकारी योजनाओं का लाभ
जिलाधिकारी आलोक कुमार ने केंद्र व राज्य सरकार की कल्याणकारी योजनाओं को समाज के अंतिम व्यक्ति तक पहुंचाने पर बल दिया। उन्होंने सभी विभागीय अधिकारियों को अपनी जिम्मेदारियों का निर्वहन पूरी निष्ठा व ईमानदारी से करने और विकास कार्यों में तेजी लाने के निर्देश दिए।
अनुभवी प्रशासनिक पृष्ठभूमि
8 नवंबर 1971 को जन्मे आईएएस आलोक कुमार इससे पूर्व संत कबीर नगर के जिलाधिकारी के रूप में कार्यरत थे, जहां त्वरित जनशिकायत निस्तारण और विकासोन्मुख कार्यशैली के लिए उनकी विशेष पहचान रही। इसके अलावा वह उत्तर प्रदेश सरकार के इलेक्ट्रॉनिक्स एवं सूचना प्रौद्योगिकी विभाग में भी अहम पदों पर सेवाएं दे चुके हैं। पीलीभीत की कमान संभालने के साथ ही जिले में विकास कार्यों और जनसुनवाई व्यवस्था को नई गति मिलने की उम्मीद है।