मंगलौर क्षेत्र के इस प्रकरण में SDO द्वारा डेढ़ लाख (1,50,000) की रिश्वत लेने के बाद दो लाख (2,00,000) का नोटिस जारी करने का यह बेहद गंभीर आरोप
मैं जावेद अंसारी, पुत्र [...], निवासी- मंगलौर, जनपद हरिद्वार, उत्तराखण्ड का स्थायी निवासी हूँ। मैंने बिजली विभाग के कुछ कर्मचारियों के विरुद्ध एक शिकायत दर्ज कराई थी, जिसकी मुख्यमन्त्री हेल्पलाइन पर शिकायत संख्या CMHL-102026-3-1150892 है। दिनांक 23.10.2026 को मेरी असंतुष्टि के आधार पर यह शिकायत पुन: अधिकारी श्री P.C. Dhyani (13) को असाइन की गई है। दिनांक 29/09/2026 को लगभग सुबह 11:00 बजे से दोपहर 12:00 बजे के बीच बिजली विभाग की एक टीम मेरे परिसर पर आई और मेरे यहाँ से बिजली का मीटर तथा केबल हटाकर साथ ले गई। उस समय मुझे कोई भी जाँच रिपोर्ट, जब्ती सूची या लिखित रसीद उपलब्ध नहीं कराई गई।इस घटना से संबंधित स्पष्ट CCTV फुटेज मेरे पास उपलब्ध है, जिसमें एक व्यक्ति के हाथ में केबल और दूसरे दृश्य में बिजली का मीटर ले जाते हुए साफ देखा जा सकता है। इसके अतिरिक्त, घटना के संबंध में तीन से अधिक प्रत्यक्षदर्शी गवाह भी उपलब्ध हैं। बिजली विभाग ने मुख्यमन्त्री हेल्पलाइन पर दिए गए अपने जवाब में कथित रूप से यह लिखा है कि "मौके पर भीड़ अधिक होने के कारण टीम मीटर और केबल वहीं छोड़कर चली गई थी।" जबकि मेरे पास उपलब्ध फुटेज और वास्तविक घटनाक्रम में स्पष्ट अंतर प्रतीत होता है, अतः इसकी निष्पक्ष जाँच अत्यंत आवश्यक है।
दिनांक 08/10/2026 को मेरे परिसर में नया स्मार्ट मीटर लगाया गया तथा मुझे उसकी रसीद दी गई, अतः पुराने मीटर को हटाने और उसके रिकॉर्ड की भी विधिवत जाँच की जानी चाहिए।
विभाग द्वारा पूर्व में बार-बार एक ही जैसा रटा-रटाय जवाब देकर शिकायत को बंद करने का प्रयास किया गया है, जबकि मेरे द्वारा CCTV फुटेज और गवाहों का स्पष्ट उल्लेख किया गया है। मेरा अनुरोध है कि बिना उन साक्ष्यों की वास्तविक जाँच किए शिकायत का निस्तारण न माना जाए मेरी शिकायत की निष्पक्ष जाँच संबंधित बिजली विभाग से स्वतंत्र किसी सक्षम वरिष्ठ अधिकारी से कराई जाए।
घटना से संबंधित CCTV फुटेज की मूल रिकॉर्डिंग का तकनीकी परीक्षण कराया जाए तथा प्रत्यक्षदर्शी गवाहों के बयान दर्ज किए जाएँ।
बिजली विभाग की जाँच रिपोर्ट संख्या 4684 दिनांक 29/09/2026, मीटर हटाने की रिपोर्ट, जब्ती सूची और मीटर जमा करने से संबंधित आधिकारिक रिकॉर्ड की गहन जाँच कराई जाए।
मंगलौर क्षेत्र के इस प्रकरण में SDO द्वारा डेढ़ लाख (1,50,000) की रिश्वत लेने के बाद दो लाख (2,00,000) का नोटिस जारी करने का यह बेहद गंभीर आरोप
मैं जावेद अंसारी, पुत्र [...], निवासी- मंगलौर, जनपद हरिद्वार, उत्तराखण्ड का स्थायी निवासी हूँ। मैंने बिजली विभाग के कुछ कर्मचारियों के विरुद्ध एक शिकायत दर्ज कराई थी, जिसकी मुख्यमन्त्री हेल्पलाइन पर शिकायत संख्या CMHL-102026-3-1150892 है। दिनांक 23.10.2026 को मेरी असंतुष्टि के आधार पर यह शिकायत पुन: अधिकारी श्री P.C. Dhyani (13) को असाइन की गई है। दिनांक 29/09/2026 को लगभग सुबह 11:00 बजे से दोपहर 12:00 बजे के बीच बिजली विभाग की एक टीम मेरे परिसर पर आई और मेरे यहाँ से बिजली का मीटर तथा केबल हटाकर साथ ले गई। उस समय मुझे कोई भी जाँच रिपोर्ट, जब्ती सूची या लिखित रसीद उपलब्ध नहीं कराई गई।इस घटना से संबंधित स्पष्ट CCTV फुटेज मेरे पास उपलब्ध है, जिसमें एक व्यक्ति के हाथ में केबल और दूसरे दृश्य में बिजली का मीटर ले जाते हुए साफ देखा जा सकता है। इसके अतिरिक्त, घटना के संबंध में तीन से अधिक प्रत्यक्षदर्शी गवाह भी उपलब्ध हैं। बिजली विभाग ने मुख्यमन्त्री हेल्पलाइन पर दिए गए अपने जवाब में कथित रूप से यह लिखा है कि "मौके पर भीड़ अधिक होने के कारण टीम मीटर और केबल वहीं छोड़कर चली गई थी।" जबकि मेरे पास उपलब्ध फुटेज और वास्तविक घटनाक्रम में स्पष्ट अंतर प्रतीत होता है, अतः इसकी निष्पक्ष जाँच अत्यंत आवश्यक है।
दिनांक 08/10/2026 को मेरे परिसर में नया स्मार्ट मीटर लगाया गया तथा मुझे उसकी रसीद दी गई, अतः पुराने मीटर को हटाने और उसके रिकॉर्ड की भी विधिवत जाँच की जानी चाहिए।
विभाग द्वारा पूर्व में बार-बार एक ही जैसा रटा-रटाय जवाब देकर शिकायत को बंद करने का प्रयास किया गया है, जबकि मेरे द्वारा CCTV फुटेज और गवाहों का स्पष्ट उल्लेख किया गया है। मेरा अनुरोध है कि बिना उन साक्ष्यों की वास्तविक जाँच किए शिकायत का निस्तारण न माना जाए मेरी शिकायत की निष्पक्ष जाँच संबंधित बिजली विभाग से स्वतंत्र किसी सक्षम वरिष्ठ अधिकारी से कराई जाए।
घटना से संबंधित CCTV फुटेज की मूल रिकॉर्डिंग का तकनीकी परीक्षण कराया जाए तथा प्रत्यक्षदर्शी गवाहों के बयान दर्ज किए जाएँ।
बिजली विभाग की जाँच रिपोर्ट संख्या 4684 दिनांक 29/09/2026, मीटर हटाने की रिपोर्ट, जब्ती सूची और मीटर जमा करने से संबंधित आधिकारिक रिकॉर्ड की गहन जाँच कराई जाए।