पीलीभीत। भारतीय किसान यूनियन (टिकैत) के पदाधिकारियों ने बृहस्पतिवार को जिले की तमाम किसान एवं जनसमस्याओं को लेकर प्रशासनिक अधिकारियों को एक ज्ञापन सौंपा। जिलाध्यक्ष गुरदीप सिंह गोगी के नेतृत्व में सौंपे गए इस मांगपत्र में प्रदूषण, स्वास्थ्य, बिजली, भ्रष्टाचार और मिलावटखोरी जैसे गंभीर मुद्दों पर तुरंत कार्रवाई की मांग की गई है।
संगठन ने मुख्य रूप से एलएच शुगर फैक्टरी से नदी में बिना ट्रीटमेंट छोड़े जा रहे रसायनयुक्त गंदे पानी का मुद्दा उठाया। यूनियन का आरोप है कि इस गंदे पानी से क्षेत्र में भीषण दुर्गंध और जल प्रदूषण फैल रहा है, जिससे बेजुबान पशु बीमार पड़ रहे हैं। भाकियू ने मिल के पानी का उचित शोधन कराने की सख्त मांग की है।
इसके अलावा जिला अस्पताल में फैली अव्यवस्थाओं पर चिंता जताते हुए बाहर की दवाएं लिखे जाने पर रोक लगाने और अस्पताल में ही पर्याप्त दवाएं उपलब्ध कराने की मांग की गई। साथ ही गर्भवती महिलाओं से ऑपरेशन के नाम पर की जा रही कथित अवैध वसूली की निष्पक्ष जांच कराने की बात कही गई।
यूनियन द्वारा उठाई गई अन्य मुख्य मांगें:
- आवास योजना में जांच: बिलसंडा ब्लॉक में प्रधानमंत्री/मुख्यमंत्री आवास योजना में हुई कथित अनियमितताओं की पांच सदस्यीय कमेटी से जांच कराई जाए और अपात्र लाभार्थियों से वसूली (रिकवरी) की जाए।
- बिजली व्यवस्था: चार किलोवाट के कनेक्शनों को बिना सहमति पांच किलोवाट किए जाने की शिकायत पर लोड पूर्ववत करने और ग्रामीण इलाकों में निर्बाध 18 घंटे बिजली आपूर्ति सुनिश्चित की जाए।
- आवारा पशु व मुआवजा: आवारा पशुओं को तुरंत गोशालाओं में भिजवाया जाए और किसानों की फसलों को हुए नुकसान का उचित मुआवजा दिलाया जाए।
- मिलावटखोरी पर लगाम: बाजार में बिक रहे मिलावटी दूध, पनीर, घी और अन्य खाद्य पदार्थों के खिलाफ विशेष जांच अभियान चलाया जाए।
भारतीय किसान यूनियन (टिकैत) ने चेतावनी दी है कि यदि प्रशासन ने जल्द ही इन सभी जनसमस्याओं का समाधान नहीं किया, तो संगठन बड़े स्तर पर आंदोलन करने के लिए बाध्य होगा।