अन्न एवं औषधि प्रशासन, सांगली कार्यालय की ओर से अन्न सुरक्षा आयुक्त तुकाराम मुंडे के निर्देश एवं मार्गदर्शन में त्योहारों की पृष्ठभूमि में जिले में मिठाई, खोया, फरसाण, चिवड़ा आदि खाद्य पदार्थों की बिक्री करने वाले प्रतिष्ठानों के खिलाफ विशेष सघन जांच अभियान चलाया जा रहा है। उपभोक्ताओं से भी सतर्क रहने तथा कहीं भी मिलावटी अथवा घटिया गुणवत्ता वाले खाद्य पदार्थों की बिक्री होती पाए जाने पर तत्काल प्रशासन के टोल फ्री नंबर 1800 222 365 पर जानकारी देने की अपील अन्न एवं औषधि प्रशासन, सांगली कार्यालय के सहायक आयुक्त अन्न तथा पदनिर्देशित अधिकारी, परिमंडल-1 रा. अ. समुद्रे ने प्रेस विज्ञप्ति के माध्यम से की है।
त्योहारों के दौरान इन खाद्य पदार्थों की खरीद-बिक्री बड़े पैमाने पर होती है। ऐसे में कुछ स्थानों पर मिलावटी अथवा घटिया गुणवत्ता वाले खाद्य पदार्थों की बिक्री होने की संभावना से इनकार नहीं किया जा सकता। इसी को ध्यान में रखते हुए सभी प्रतिष्ठानों की गहन जांच की जा रही है। खाद्य पदार्थों में उपयोग किए जाने वाले तेल, घी, दूध एवं अन्य सामग्री के नमूने लेकर उन्हें प्रयोगशाला में जांच के लिए भेजा जा रहा है।
अन्न एवं औषधि प्रशासन के सांगली कार्यालय द्वारा जिले में 1 अप्रैल 2026 से अगस्त 2026 तक की अवधि में खाद्य कारोबारियों के कुल 543 निरीक्षण किए गए। इनमें से 392 खाद्य नमूने विश्लेषण के लिए लेकर प्रयोगशाला भेजे गए हैं। जांच के दौरान 208 खाद्य कारोबारियों को सुधार नोटिस जारी किए गए हैं, जबकि 31 खाद्य कारोबारियों के लाइसेंस निलंबित किए गए हैं।
इसके अलावा 24 खाद्य प्रतिष्ठानों से नमूने लेकर 92 लाख 53 हजार 129 रुपये मूल्य का खाद्य पदार्थों का स्टॉक जब्त किया गया है। साथ ही 45 स्थानों पर छापेमारी कर 1 करोड़ 17 लाख 62 हजार 134 रुपये मूल्य का प्रतिबंधित खाद्य पदार्थों का स्टॉक जब्त किया गया है।
प्रशासन ने उपभोक्ताओं से अपील की है कि तैयार खाद्य पदार्थ, विशेष रूप से मिठाई एवं अन्य दुग्धजन्य खाद्य पदार्थ खरीदते समय उनके ताजा होने की पुष्टि करें। मिठाई एवं दुग्धजन्य पदार्थ खरीदने के बाद उन्हें जल्द से जल्द सेवन कर समाप्त करें अथवा रेफ्रिजरेटर में उचित तापमान पर सुरक्षित रखें।
खाद्य पदार्थ विक्रेताओं को सभी खाद्य पदार्थ स्वच्छ एवं स्वास्थ्यवर्धक वातावरण में तैयार करने तथा उनकी बिक्री करने के निर्देश दिए गए हैं। साथ ही बासी खाद्य पदार्थों की बिक्री न हो, इसका विशेष ध्यान रखने और अन्न लाइसेंस/पंजीकरण प्राप्त किए बिना खाद्य पदार्थों का व्यवसाय न करने का आवाहन अन्न एवं औषधि प्रशासन की ओर से किया गया है।
सभी गणेश मंडलों से भी अपील की गई है कि महाप्रसाद तैयार करने के लिए कैटरर नियुक्त करते समय वह लाइसेंसधारी/पंजीकृत है या नहीं, इसकी पुष्टि करने के बाद ही उसकी नियुक्ति करें। साथ ही स्वच्छता संबंधी नियमों का पालन करते हुए खाद्य विषबाधा जैसी अप्रिय घटनाएं न हों, इसके लिए आवश्यक सावधानी बरतें, ऐसा आवाहन प्रेस विज्ञप्ति के माध्यम से सभी गणेश मंडलों से किया गया है।
मिलावटी खाद्य पदार्थों की बिक्री की सूचना दें
टोल फ्री नंबर: 1800 222 365
— सहायक आयुक्त रा. अ. समुद्रे