आज राज्य के सार्वजनिक निर्माण मंत्री और छत्रपति घराने के सदस्य ना. शिवेंद्रराजे भोसले ने मराठा आरक्षण को लेकर बड़ा बयान दिया। उन्होंने कहा कि मराठा आरक्षण का मुद्दा छत्रपति घराने के एक हस्ताक्षर से हल होने वाला नहीं है। यह एक प्रक्रिया है, जिसे कानून के दायरे में लाना होगा। इसके लिए न्यायिक प्रक्रिया पूरी करनी होगी और प्रशासनिक रिपोर्टों की पूर्ति के बाद ही यह विषय आगे बढ़ सकता है।
उन्होंने आंदोलनकारी मनोज जरांगे पाटील से अपील करते हुए कहा कि वे चल रही प्रक्रिया में सहयोग करें। सरकार मराठा आरक्षण को लेकर सकारात्मक है। हालांकि, कुछ प्रक्रियाओं में समय लग सकता है।
उन्होंने स्पष्ट किया कि सिर्फ अस्थायी आदेश निकालकर लोगों के मुंह पर पत्ते पोछने का काम सरकार नहीं करना चाहती। मराठा समाज को ऐसा आरक्षण दिया जाना चाहिए, जो स्थायी रूप से टिक सके। समाज को स्थायी और कानूनी रूप से मजबूत आरक्षण देने की सरकार की नीति है।