आतंकवाद, नक्सलवाद और नशावाद का उन्मूलन ही केंद्र और राज्य सरकार का लक्ष्य है। युवाओं को नशे के जाल में फंसाने वाले देशद्रोहियों के मंसूबों को नाकाम करना और भावी पीढ़ी को सुरक्षित रखना ही मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस और राज्य सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता है। इसी तरह प्रत्येक सांगलीवासी नागरिक “एकजुट होकर नशामुक्ति का संकल्प लें और अमली पदार्थों से मुक्त सांगली जिला बनाएं”, ऐसा संकल्प करे, यह आवाहन राज्य के उच्च एवं तकनीकी शिक्षा, संसदीय कार्य मंत्री तथा सांगली जिले के पालकमंत्री चंद्रकांत पाटील ने आज यहां किया। अमली पदार्थ मुक्त सांगली जिला अभियान के अंतर्गत नशामुक्ति संकल्प पदयात्रा के समापन के बाद आयोजित कार्यक्रम की अध्यक्षता करते हुए वे बोल रहे थे। पुलिस मुख्यालय के कवायद मैदान में आयोजित इस कार्यक्रम में सांसद विशाल पाटील, विधायक डॉ. सुरेश खाडे, विधायक सुधीर गाडगीळ, महापौर धीरज सूर्यवंशी, जिलाधिकारी डॉ. मैनाक घोष, पुलिस अधीक्षक तुषार दोशी, जिला परिषद के मुख्य कार्यकारी अधिकारी विशाल नरवाडे, महानगरपालिका आयुक्त संजीता महापात्र, अपर पुलिस अधीक्षक कल्पना बारवकर, पालकमंत्री के विशेष कार्य अधिकारी बालासाहेब यादव सहित पूर्व नगरसेवक योगेंद्र थोरात और अन्य मान्यवर गण उपस्थित थे। पालकमंत्री चंद्रकांत पाटील ने कहा कि जब उन्होंने पालकमंत्री पद की जिम्मेदारी संभाली थी, तब विटा में 30 करोड़ रुपये का अमली पदार्थों का भंडार बरामद हुआ था। उस समय जिले में व्याप्त चिंता और असुरक्षा की भावना को समाप्त करने के लिए प्रशासन, प्रतिबंध, जनजागरण और परामर्श की त्रिसूत्री के आधार पर अमली पदार्थ मुक्त सांगली जिला अभियान शुरू किया गया। इसके माध्यम से पिछले डेढ़ वर्ष से विभिन्न गतिविधियों के जरिए व्यापक जनजागरण किया जा रहा है। विभिन्न उपक्रमों की जानकारी देते हुए पालकमंत्री चंद्रकांत पाटील ने कहा कि अमली पदार्थों के संबंध में जानकारी देने वाले नागरिकों के साथ-साथ अमली पदार्थ विरोधी कार्रवाई करने वाले पुलिस विभाग के अधिकारियों और कर्मचारियों को पुरस्कार देकर प्रोत्साहित किया गया। ज्ञानप्रबोधिनी संस्था के माध्यम से 600 शिक्षकों और हजारों विद्यार्थियों को नशामुक्ति के बारे में प्रशिक्षण दिया गया। शासकीय मेडिकल कॉलेज एवं अस्पताल में उपचार की व्यवस्था भी की गई। ऐसे अनेक संयुक्त प्रयासों के माध्यम से व्यापक जनजागरण होने से जिले में अमली पदार्थ तस्करों की कमर तोड़ने में सफलता मिलती दिखाई दे रही है। इसे आगे भी कायम रखने के लिए दृढ़ संकल्प के साथ सामूहिक प्रयासों की आवश्यकता है, उन्होंने कहा। पालकमंत्री चंद्रकांत पाटील ने कहा कि निराशा और खालीपन के कारण व्यक्ति नशे की ओर आकर्षित होता है। इसलिए विद्यार्थियों को संगीत, नृत्य, अभिनय और लाठी-काठी का प्रशिक्षण देने के लिए शिक्षकों को पहल करनी चाहिए। इसके लिए होने वाले सभी खर्च की व्यवस्था सरकार द्वारा की जाएगी, उन्होंने कहा। कार्यक्रम का प्रास्ताविक पुलिस अधीक्षक तुषार दोशी ने किया। इस अवसर पर पोस्टर प्रतियोगिता के विजेताओं को पालकमंत्री चंद्रकांत पाटील के हाथों पुरस्कार प्रदान किए गए। “नशामुक्त सांगली – एकजुट कदम, स्वस्थ भविष्य” अभियान के अंतर्गत पालकमंत्री चंद्रकांत पाटील की संकल्पना से आयोजित ‘नशामुक्ति संकल्प पदयात्रा’ को सांगलीवासियों का उत्स्फूर्त प्रतिसाद मिला। हाथों में नशाविरोधी संदेश वाले पोस्टर, होठों पर जनजागरण के नारे और मन में नशामुक्त समाज का संकल्प लेकर बड़ी संख्या में लोग पदयात्रा में शामिल हुए। पदयात्रा के बाद मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस द्वारा ऑडियो संदेश के माध्यम से दिलाई गई अमली पदार्थ विरोधी शपथ लेकर उपस्थित लोगों ने नशामुक्त सांगली का सामूहिक संकल्प किया। राष्ट्रगान और राज्यगीत के साथ कार्यक्रम का समापन हुआ। कल्पद्रुम मैदान से पुलिस मुख्यालय तक निकाली गई इस पदयात्रा को सफल बनाने के लिए पुलिस विभाग के अधिकारियों और कर्मचारियों ने कड़ी मेहनत की। पदयात्रा में स्थानीय जनप्रतिनिधि, पदाधिकारी, विभिन्न सरकारी विभागों के अधिकारी-कर्मचारी, पुलिस दल, विद्यार्थी, युवक-युवतियां, महिलाएं, सामाजिक संस्थाएं, स्वयंसेवी संस्थाएं तथा नागरिक बड़ी संख्या में शामिल हुए।
एकजुट होकर नशामुक्ति का संकल्प लें, सांगली जिले को नशामुक्त बनाएं। — पालकमंत्री चंद्रकांत पाटील
25 August 2026
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Sudhir Gokhale
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Published:
25 August 2026, 12:58 PM
Last Updated:
26 August 2026, 09:24 AM
NASHAMUKT SANGLI RALLY
Credit: Sudhir Gokhale
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By Sudhir Gokhale
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