पिरान कलियर में साबिर पाक के उर्स मेले जैसे संवेदनशील और बड़े आयोजन में सुरक्षा मानकों की इस तरह अनदेखी अत्यंत चिंताजनक है।जर्मन हैंगर हादसे में एक मजदूर की मौत के बावजूद झूला-सर्कस के निर्माण में सेफ्टी बेल्ट, हेलमेट और अन्य सुरक्षा उपकरणों की अनुपस्थिति।
दरगाह प्रबंधन और स्थानीय प्रशासन द्वारा हिदायतें दिए जाने के बावजूद धरातल पर उसकी क्रॉस-चेकिंग न होना।
दोहरा खतरा ऊंचाई पर बिना सुरक्षा उपकरणों के काम करने से केवल मजदूरों की जान ही जोखिम में नहीं है, बल्कि मेले में आने वाले जायरीनों और स्थानीय लोगों के ऊपर भी दुर्घटना का खतरा बना रहता है।
तत्काल आवश्यक कदम
सख्त निरीक् जिला प्रशासन और दरगाह प्रबंधन की एक संयुक्त टीम तुरंत मेले में हो रहे सभी निर्माण और झूला-सर्कस स्थलों का भौतिक निरीक्षण करे।
जो ठेकेदार बिना सुरक्षा उपकरणों के काम करा रहे हैं, उनके काम को तुरंत रुकवाया जाए और उन पर भारी जुर्माना या ब्लैकलिस्ट करने की कार्रवाई की जाए।
सुरक्षा प्रमाण पत्र (Safety Certificate) सभी झूले, टेंट और अस्थायी लोहे के ढांचों का उपयोग शुरू होने से पहले तकनीकी विशेषज्ञों से "सुरक्षा एवं फिटनेस प्रमाणपत्र" अनिवार्य किया जाए।
आयोजन की भव्यता और जायरीनों की सुविधाएं महत्वपूर्ण हैं, लेकिन किसी भी स्थिति में किसी मजदूर या नागरिक की जान की कीमत पर सुरक्षा से समझौता नहीं किया जा सकता। प्रशासन को दुर्घटना का इंतजार करने के बजाय तुरंत सख्त रुख अपनाना चाहिए।
प्रशासनिक लापरवाही और ठेकेदारों की गैर-जिम्मेदारी का एक गंभीर उदाहरण है।
19 August 2026
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Mohammed Salim Ansari
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2 Min Read
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Published:
19 August 2026, 12:19 AM
Last Updated:
04 September 2026, 07:58 PM
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