विदिशा /कुरवाई ( संवाददाता मनीष शर्मा की रिपोर्ट) । गरीबी रेखा की सूची में अपात्र लोगों के नाम शामिल होने और सरकारी योजनाओं का लाभ लेने के मामलों पर प्रशासन ने शिकंजा कसना शुरू कर दिया है। कलेक्टर श्री अंशुल गुप्ता के निर्देश पर कुरवाई अनुभाग में बीपीएल सूची का गहन परीक्षण एवं सत्यापन कराया जा रहा है। जांच के दौरान आर्थिक रूप से संपन्न पाए गए कई लोगों के नाम सामने आए हैं, जिन्हें बीपीएल सूची के लिए अपात्र मानते हुए सूची से पृथक करने की कार्रवाई शुरू कर दी गई है।
अनुविभागीय अधिकारी राजस्व कुरवाई श्री मोतीलाल अहिरवार के निर्देशन में चल रही जांच में बीपीएल सूची में दर्ज हितग्राहियों की पात्रता का परीक्षण किया जा रहा है। प्रशासन का उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि शासन की योजनाओं का लाभ वास्तविक रूप से जरूरतमंद परिवारों तक पहुंचे और अपात्र व्यक्ति सरकारी योजनाओं का लाभ न उठा सकें।
जांच में सामने आए कई मामले
जांच के दौरान ग्राम पैरोखेड़ी, तहसील कुरवाई निवासी प्राण सिंह, जिन्हें वेयरहाउस संचालक बताया गया है, को बीपीएल सूची के लिए अपात्र पाया गया। इसी प्रकार पृथ्वी सिंह दांगी, प्राथमिक शिक्षक, तथा उनकी पत्नी मीना दांगी, आंगनवाड़ी कार्यकर्ता, के नाम भी जांच में अपात्र पाए गए हैं।
वहीं ग्राम करमेड़ी, तहसील कुरवाई निवासी जयपाल यादव, जो सिरोंज क्षेत्र के पथरिया में नवांकर स्कूल संचालित करते हैं, तथा ग्राम माला निवासी राजमल पुत्र रघुवीर का नाम भी जांच में बीपीएल सूची के लिए अपात्र पाया गया है। प्रशासन द्वारा संबंधित नामों को सूची से पृथक करने की कार्रवाई की जा रही है।
पात्रों का हक न मारें अपात्र
एसडीएम श्री मोतीलाल अहिरवार ने कहा कि बीपीएल सूची का उद्देश्य वास्तविक जरूरतमंद और पात्र परिवारों को शासन की योजनाओं का लाभ दिलाना है। यदि आर्थिक रूप से सक्षम व्यक्ति गलत तरीके से सूची में शामिल होकर सरकारी योजनाओं का लाभ लेते हैं, तो इससे वास्तविक जरूरतमंद परिवारों के अधिकार प्रभावित होते हैं।
उन्होंने आर्थिक रूप से संपन्न ऐसे लोगों से अपील की है कि यदि उनका नाम बीपीएल सूची में दर्ज है और वे निर्धारित मापदंडों के अनुसार पात्र नहीं हैं, तो स्वेच्छा से अपना नाम सूची से हटवाने के लिए आवेदन करें।
पूर्व में मिले लाभ की हो सकती है वसूली
प्रशासन ने यह भी स्पष्ट किया है कि जांच में किसी व्यक्ति के अपात्र पाए जाने पर उसका नाम बीपीएल सूची से हटाने के साथ-साथ पूर्व में लिए गए शासकीय आर्थिक लाभ की नियमानुसार वसूली की कार्रवाई भी की जा सकती है। बीपीएल सूची के सत्यापन की कार्रवाई आगे भी जारी रहने की बात कही गई है।