
शाहाबाद/हरदोई। धान की फसल तैयार होने के बाद किसानों को अपनी उपज बेचने के लिए परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। सरकारी धान क्रय केंद्रों पर खरीद शुरू न होने से किसानों को निजी व्यापारियों के हाथों कम कीमत पर धान बेचने की मजबूरी का सामना करना पड़ सकता है। इस समस्या को लेकर भारतीय किसान क्रांति यूनियन के जिला अध्यक्ष विद्यासागर यादव ने प्रशासन से सरकारी क्रय केंद्र तत्काल चालू कराने और किसानों का धान निर्धारित न्यूनतम समर्थन मूल्य (एमएसपी) पर खरीदने की मांग की है।
विद्यासागर यादव ने आरोप लगाया कि जनपद हरदोई की तहसील शाहाबाद स्थित नवीन गल्ला मंडी में निजी व्यापारी किसानों का धान कथित तौर पर 14 से 16 रुपये प्रति किलोग्राम की दर से खरीद रहे हैं। उनका कहना है कि किसान दिन-रात मेहनत करके फसल तैयार करता है और खाद, बीज, सिंचाई तथा मजदूरी पर काफी खर्च करता है। इसके बावजूद यदि उसे अपनी उपज का उचित मूल्य नहीं मिलता, तो उसकी आर्थिक स्थिति पर प्रतिकूल असर पड़ता है।
सरकारी खरीद व्यवस्था समय से शुरू कराने की मांग
विद्यासागर यादव ने कहा कि किसानों को अपनी उपज बेचने के लिए अनावश्यक परेशानियों का सामना नहीं करना चाहिए। सरकारी धान क्रय केंद्र समय से चालू होने चाहिए, ताकि किसानों को अपनी फसल बेचने के लिए निजी व्यापारियों पर निर्भर न रहना पड़े। उन्होंने प्रशासन से मांग की कि शाहाबाद सहित जनपद के सभी संबंधित क्रय केंद्रों पर खरीद व्यवस्था सुनिश्चित की जाए और किसानों को निर्धारित सरकारी समर्थन मूल्य का लाभ दिलाया जाए।
उन्होंने कहा कि मंडियों में धान की खरीद व्यवस्था की जांच कराई जानी चाहिए। यदि कहीं नियमों के विपरीत खरीद हो रही है या किसानों को उचित मूल्य नहीं मिल रहा है, तो संबंधित अधिकारियों को मामले का संज्ञान लेकर आवश्यक कार्रवाई करनी चाहिए। किसानों को अपनी उपज बेचने के लिए भटकना न पड़े, इसके लिए पारदर्शी व्यवस्था लागू करना जरूरी है।
किसानों के हितों की अनदेखी बर्दाश्त नहीं: विद्यासागर यादव
भारतीय किसान क्रांति यूनियन के जिला अध्यक्ष ने मांग की कि सरकारी धान क्रय केंद्र तत्काल चालू कराए जाएं, किसानों की उपज की निर्धारित एमएसपी पर खरीद सुनिश्चित की जाए तथा खरीद प्रक्रिया में लापरवाही बरतने वाले जिम्मेदार लोगों की जवाबदेही तय हो।
उन्होंने चेतावनी दी कि यदि किसानों की समस्याओं का शीघ्र समाधान नहीं किया गया और सरकारी खरीद व्यवस्था सुचारु नहीं हुई, तो भारतीय किसान क्रांति यूनियन किसानों के हित में आंदोलन की रणनीति अपनाएगी। उन्होंने प्रशासन से किसानों की समस्याओं का गंभीरता से संज्ञान लेकर समय रहते प्रभावी कदम उठाने की अपील की।