मिरज शहर में गणेशोत्सव पूरी तरह पारंपरिक तरीके से मनाया जाए, इसके लिए शुरुआत से ही मिरज विभागीय पुलिस अधिकारी अजय कोकाटे और पुलिस निरीक्षक किरण चौगले प्रयासरत रहे। मिरज शहर पुलिस ने लगातार गणेश मंडलों, शांति समिति तथा प्रसार माध्यमों के साथ बैठकें आयोजित कर पारंपरिक गणेशोत्सव को लेकर जनजागृति की।
डॉल्बी अथवा स्वास्थ्य के लिए हानिकारक तेज ध्वनि वाले साउंड सिस्टम को दरकिनार करते हुए पुलिस प्रशासन ने पारंपरिक वाद्ययंत्रों को प्रोत्साहन दिया। मिरज शहर पुलिस ने स्वयं विसर्जन जुलूस में इसका आदर्श प्रस्तुत करते हुए पारंपरिक वेशभूषा के साथ तालवाद्यों को प्राथमिकता दी। पुलिस की इस भूमिका का नागरिकों की ओर से स्वागत किया जा रहा है।
इस वर्ष बड़ी गणेश प्रतिमाओं के कारण गणेश विसर्जन जुलूस का सिलसिला 30 घंटे से अधिक समय तक चला। परंपरा के अनुसार मिरज शहर पुलिस ने अपने बप्पा का विसर्जन कर जुलूस का समापन किया।
विसर्जन जुलूस में पुलिस उपाधीक्षक अजय कोकाटे, मिरज शहर पुलिस निरीक्षक किरण चौगले, यातायात शाखा के पुलिस निरीक्षक रणजीत तिप्पे, दत्तात्रय पुजारी, विक्रम पाटील, अर्चना शिंदे, पुलिस उपनिरीक्षक संजय चव्हाण, स्नेहा शिर्के, विनायक मासाळे सहित बड़ी संख्या में पुलिस अधिकारी और कर्मचारी शामिल हुए।
महात्मा गांधी चौक पुलिस थाने तथा मिरज ग्रामीण पुलिस थाने ने भी पारंपरिक वाद्ययंत्रों की गूंज के बीच अपने बप्पा को भावपूर्ण विदाई दी। इस अवसर पर महात्मा गांधी चौक पुलिस थाने के संदीप शिंदे तथा मिरज ग्रामीण पुलिस थाने के अमित पाटील सहित पुलिसकर्मी सहभागी हुए।