सांगली–मिरज–कुपवाड नगर निगम और वालचंद कॉलेज ऑफ इंजीनियरिंग, सांगली के संयुक्त तत्वावधान में, नगर निगम आयुक्त संजीता महापात्रा (आय.ए.एस) की संकल्पना से आयोजित ‘SMKC Civic Innovation Forum 2026 – Ideathon + Software Development Challenge’ इस अभिनव पहल के पहले चरण को उत्स्फूर्त प्रतिसाद मिला। महाराष्ट्र के विभिन्न क्षेत्रों से विद्यार्थियों की 67 टीमों और सूचना-प्रौद्योगिकी क्षेत्र के पेशेवरों की 11 टीमों सहित कुल 78 टीमों ने इस पहल में भाग लिया। पहले चरण में प्रस्तुत विचारों और प्रस्तुतियों के आधार पर 15 टीमों का अगले चरण के लिए चयन किया गया है।
नागरिकों की समस्याओं के तकनीक-आधारित समाधान खोजने की पहल
‘Citizen Innovation for a Smarter, Greener and Better City’ अर्थात ‘अधिक स्मार्ट, हरित और बेहतर शहर के लिए नागरिकों का नवाचार’ की अवधारणा पर आधारित इस पहल का उद्देश्य सरकारी तंत्र और शैक्षणिक संस्थानों के सहयोग से शहर की दैनिक नागरिक समस्याओं के लिए नवीन, तकनीक-आधारित और प्रभावी समाधान विकसित करना है।
महानगरपालिका के वास्तविक कामकाज की चुनौतियों से विद्यार्थियों और सूचना-प्रौद्योगिकी क्षेत्र के पेशेवरों को परिचित कराते हुए, उनके तकनीकी कौशल का उपयोग नागरिक प्रशासन को अधिक कुशल, पारदर्शी और नागरिक-केंद्रित बनाने के लिए किया जाए, इसी दृष्टिकोण से इस पहल का आयोजन किया गया है।
शहर की पांच प्रमुख चुनौतियों पर नवीन विचार
इस प्रतियोगिता में शहर प्रबंधन से संबंधित निम्नलिखित पांच चुनौतीपूर्ण क्षेत्रों को शामिल किया गया है।
1. स्मार्ट पॉटहोल डिटेक्शन, रेजोल्यूशन एंड एस्केलेशन: सड़कों पर गड्ढों की पहचान करना, उनकी मरम्मत की प्रक्रिया पर नजर रखना और आवश्यक कार्रवाई के लिए अनुवर्ती प्रयास करना।
2. स्मार्ट GVP डिटेक्शन, क्लीन-अप एंड लिटरिंग एन्फोर्समेंट: कचरे के अवैध ढेरों की पहचान करना, सफाई की कार्रवाई करना और सार्वजनिक स्थानों पर कचरा फेंकने पर नियंत्रण रखना।
3. जियो-टैग्ड फोटो-बेस्ड अटेंडेंस एंड फील्ड प्रेजेंस: भौगोलिक स्थान से जुड़ी तस्वीरों के आधार पर उपस्थिति और क्षेत्रीय कार्यों का रिकॉर्ड रखना।
4. गार्बेज कलेक्शन व्हीकल ट्रैकिंग एंड सिटिजन सर्विस व्यू: कचरा संग्रह करने वाले वाहनों की निगरानी करना और नागरिकों को संबंधित सेवाओं की जानकारी उपलब्ध कराना।
5. इलीगल होर्डिंग डिटेक्शन एंड डिजिटल एनक्रोचमेंट मैनेजमेंट: अवैध होर्डिंग्स की पहचान करना और डिजिटल माध्यम से अतिक्रमण का प्रबंधन करना।
इन पांच क्षेत्रों में भाग लेने वाली टीमों ने अपने नवीन विचारों और तकनीकी समाधानों की प्रस्तुतियां दीं।
उद्घाटन समारोह में नवीन विचारों को प्रोत्साहन
इस पहल के उद्घाटन समारोह में महानगरपालिका के उपायुक्त पराग कोडगुले प्रमुख रूप से उपस्थित थे। इस अवसर पर कंप्यूटर विभागाध्यक्ष डॉ. अनिल सुर्वे ने इस पहल के उद्देश्यों और पूरी अवधारणा की जानकारी उपस्थित लोगों को दी।
वालचंद कॉलेज ऑफ इंजीनियरिंग के निदेशक डॉ. सुरेंद्रसिंह राठोड ने विद्यार्थियों से अपने तकनीकी कौशल का उपयोग समाज और शहर के विकास के लिए करने का आह्वान किया।
आयुक्त संजीता महापात्रा की अध्यक्षता में पुरस्कार वितरण
इस पहल का पुरस्कार वितरण समारोह महानगरपालिका आयुक्त संजीता महापात्रा की अध्यक्षता में संपन्न हुआ। इस दौरान उन्होंने सहभागी विद्यार्थियों और पेशेवरों से संवाद किया तथा उनके नवीन विचारों की सराहना की।
सरकारी तंत्र और शैक्षणिक संस्थानों के संयुक्त प्रयासों से शहर की वास्तविक समस्याओं के तकनीक-आधारित समाधान खोजने के लिए इतने बड़े स्तर पर आयोजन करने को लेकर आयुक्त ने आयोजन समिति की विशेष सराहना की।
नागरिक प्रशासन की आवश्यकताओं और युवा पीढ़ी के तकनीकी कौशल के बीच समन्वय स्थापित करने वाली ऐसी पहल शहर के विकास में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकती है। यही इस आयोजन का प्रमुख उद्देश्य है।
अगले चरण के लिए 15 टीमों का चयन
पहले चरण की प्रस्तुतियों और नवीन विचारों के आधार पर पांचों चुनौतीपूर्ण क्षेत्रों में से प्रत्येक से तीन-तीन, इस प्रकार कुल 15 टीमों का अगले चरण के लिए चयन किया गया है।
1. स्मार्ट पॉटहोल डिटेक्शन, रेजोल्यूशन एंड एस्केलेशन
टीम म्यूटेक्स — महादेव व्यवहारे
फुल स्टैक — इशान धर
एस कॉम्बिनेटर — हरीश प्रभाकरन
2. स्मार्ट GVP डिटेक्शन, क्लीन-अप एंड लिटरिंग एन्फोर्समेंट
आइलैंड सर्वाइवर्स — वासिफ मोहम्मद
टेकस्टार्टर्स — दक्ष स्वप्नील जैन
टीम रिबिन्ड — वासुदेव सुरवसे
3. जियो-टैग्ड फोटो-बेस्ड अटेंडेंस एंड फील्ड प्रेजेंस
जीसीओईके — केदार पाटील
त्रिकूट — सत्यपाल गायकवाड
टीम एआई बिल्डर — शिवाली पवार
4. गार्बेज कलेक्शन व्हीकल ट्रैकिंग एंड सिटिजन सर्विस व्यू
वाइब_कोडर्स — वेदांत जाधव
टीम नेक्सझेन — सुजल राजुवार
सिविकपल्स — तन्वी मालेवार
5. इलीगल होर्डिंग डिटेक्शन एंड डिजिटल एनक्रोचमेंट मैनेजमेंट
टीम वर्टेक्स — न्यासा पटेल
शिक्षार्थी — सुश्रुत देशमुख
सांगली पैटर्न — सुब्रय भांडे
आयोजन समिति के सुनियोजित प्रयास सफल
इस पहल के आयोजन में कंप्यूटर विभागाध्यक्ष डॉ. अनिल सुर्वे ने मुख्य समन्वयक की जिम्मेदारी निभाई। डॉ. नितीन गव्हाणकर, प्रा. माणिक चव्हाण, प्रा. अभिजीत उरुणकर और प्रा. हर्षल चंदोबा ने आयोजन एवं नियोजन की जिम्मेदारी सफलतापूर्वक निभाई।
कार्यक्रम का संचालन प्रा. पूजा मुंदडा और प्रा. नंदिनी मुडेगोळ ने किया। इस पहल को एडमिनिस्ट्रेटिव काउंसिल के सदस्य अमोल चव्हाण और निदेशक डॉ. सुरेंद्रसिंह राठोड का भी सहयोग मिला।
विचारों से वास्तविक सॉफ्टवेयर समाधान तक
पहले चरण में चयनित टीमों के विचारों को अगले चरण में वास्तविक सॉफ्टवेयर समाधानों में बदलने की दिशा में यह पहल आगे बढ़ेगी। इससे विद्यार्थियों और प्रौद्योगिकी क्षेत्र के पेशेवरों को अपने विचारों को नागरिक प्रशासन की वास्तविक आवश्यकताओं से जोड़ने का अवसर मिलेगा।
नागरिकों की समस्याओं से विचारों का जन्म, विचारों से तकनीक-आधारित समाधानों का विकास और इन समाधानों के माध्यम से अधिक स्मार्ट, हरित एवं सक्षम शहर के निर्माण की दिशा में आगे बढ़ना ही SMKC Civic Innovation Forum 2026 का मुख्य उद्देश्य है।