मरवाही नगर पंचायत क्षेत्र में ठप पड़ी जल जीवन मिशन की पानी सप्लाई, जनता परेशान,
1009 लाख की योजना कागजों तक सीमित, नगर पंचायत और पीएचई के बीच फंसा पेंच,

सूरज यादव, गौरेला-पेंड्रा-मरवाही। केंद्र सरकार की महत्वाकांक्षी योजना जल जीवन मिशन मरवाही नगर पंचायत क्षेत्र में पूरी तरह धराशायी नजर आ रही है। कुम्हारी, लोहारी और मरवाही में पीएचई विभाग द्वारा करोड़ों की लागत से बनाई गई नई पानी टंकियां और रेट्रोफिटिंग के माध्यम से की जाने वाली पेयजल सप्लाई पिछले कई महीनों से बंद पड़ी है। इसका सीधा असर आम नागरिकों पर पड़ रहा है जिन्हें गर्मी के मौसम में पीने के पानी के लिए परेशान होना पड़ रहा है।

आरटीआई से प्राप्त जानकारी के अनुसार मरवाही नगर पंचायत क्षेत्र में जल जीवन मिशन के तहत कुल 12 स्थानों पर कार्य स्वीकृत किए गए थे। इन सभी कार्यों के लिए शासन द्वारा लगभग 1009 लाख रुपये की राशि स्वीकृत की गई थी। इसमें कुम्हारी पाइप वाटर सप्लाई स्कीम के लिए 135.54 लाख, मरवाही पाइपड वाटर सप्लाई के लिए 49.61 लाख, कुम्हारी रेट्रोफिटिंग के लिए 148.40 लाख और लोहारी खास रेट्रोफिटिंग के लिए 215.44 लाख रुपये शामिल हैं। इसके अलावा मडाकोट, मरवाही सिंगल विलेज और विभिन्न सोलर आधारित योजनाओं पर भी करोड़ों खर्च किए गए हैं। लेकिन जमीनी हकीकत यह है कि एक-दो स्थानों को छोड़कर लगभग सभी जगहों पर पानी की सप्लाई ठप है।

स्थानीय लोगों और जनप्रतिनिधियों का आरोप है कि कार्यों की गुणवत्ता बेहद घटिया रही है। मैदान में जाकर देखने पर ही अंदाजा लगाया जा सकता है कि निर्माण कार्य में कितना घालमेल हुआ है। नगर पंचायत के पार्षद अमर हलवाई ने बताया कि जल जीवन मिशन के तहत हुए सभी कार्य स्तरहीन हैं। विशेष रूप से इलेक्ट्रिफिकेशन का काम इतना खराब किया गया है कि अधिकांश जगहों पर लगी मोटरें जल गई हैं और वे काम नहीं कर रही हैं। उन्होंने कहा कि ठेकेदारों ने बिना टेस्टिंग और बिना ट्रायल के ही काम छोड़ दिया, जिसका खामियाजा अब आम जनता को भुगतना पड़ रहा है।

इस संबंध में नगर पंचायत मरवाही के सीएमओ सुशील चौधरी का कहना है कि काम तय मानकों के अनुरूप न होने के कारण अभी तक नगर पंचायत द्वारा विभाग से हैंडओवर नहीं लिया गया है। जब तक कार्यों की गुणवत्ता सुनिश्चित नहीं हो जाती, तब तक संचालन और संधारण की जिम्मेदारी लेना संभव नहीं है।
वहीं पीएचई विभाग की ईई प्रिया सोनी ने बताया कि जिन ठेकेदारों द्वारा कार्य अधूरा छोड़ा गया है उन्हें नोटिस जारी किए जा चुके हैं। विभाग द्वारा उन्हें अक्टूबर तक शेष कार्य पूर्ण करने के निर्देश दिए गए हैं। यदि निर्धारित समय सीमा में कार्य पूरा नहीं किया गया तो संबंधित ठेकेदारों को ब्लैकलिस्ट किया जाएगा और उनकी भुगतान राशि भी रोकी जाएगी।
फिलहाल करोड़ों रुपये खर्च होने के बावजूद मरवाही नगर पंचायत क्षेत्र में "हर घर नल, हर घर जल" का सपना अधूरा है। नगर पंचायत और पीएचई विभाग के बीच समन्वय के अभाव में आम जनता को बुनियादी सुविधा के लिए दर-दर भटकना पड़ रहा है।