जिलाधिकारी कार्यालय में हाल ही में जिला विद्युत समिति की विशेष बैठक संपन्न हुई। बैठक में जिलाधिकारी डॉ. मैनाक घोष, सांसद विशाल पाटील, विधायक सत्यजीत देशमुख, महावितरण के कोल्हापुर परिमंडल के मुख्य अभियंता स्वप्नील काटकर, अधीक्षक अभियंता अमित बोकील, तृप्ती दिपंकर, आशीष मेहता, युवराज पाटील, विजय पाटील, सौरभ माळी, सुरेश पाटील सहित अन्य अधिकारी उपस्थित थे।
इस दौरान सांसद विशाल पाटील ने अधिकारियों के समक्ष ग्रामीण क्षेत्रों में जारी बिजली कटौती का मुद्दा मजबूती से उठाया। उन्होंने कहा कि रोजाना 6-6 घंटे बिजली बंद रखकर ग्रामीण क्षेत्र की जनता की परीक्षा न ली जाए। बच्चों की पढ़ाई, नागरिकों की सुरक्षा तथा सांप और तेंदुए जैसे वन्यजीवों के खतरे को देखते हुए ग्रामीण क्षेत्रों में बिजली आपूर्ति सुचारु करना बेहद जरूरी है।
उन्होंने कहा कि वाडियों और बस्तियों को गांवठाण फीडर से सिंगल फेज बिजली कनेक्शन देने के लिए जिला नियोजन समिति से 50 करोड़ रुपये का निधि उपलब्ध कराने की मांग पालकमंत्री के समक्ष की जाएगी। इस मांग को सभी विधायकों का समर्थन रहेगा, ऐसा भी उन्होंने कहा।
सांसद और विधायकों ने सवाल उठाया कि त्योहारों के समय ग्रामीण क्षेत्रों में अंधेरा बना हुआ है और दूसरी ओर जंगली जानवरों का आतंक बढ़ रहा है। ऐसे में अनियमित विद्युत आपूर्ति के कारण ग्रामीण नागरिकों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। उन्होंने सवाल किया कि “आखिर कब तक जनता का इंतजार लिया जाएगा?”
बैठक में प्रमुख मांगें और मुद्दे
- अगले कुछ दिनों में वाडियों और बस्तियों को गांवठाण फीडर से सिंगल फेज बिजली कनेक्शन देने को प्राथमिकता दी जाए।
- इसके लिए जिला नियोजन समिति के ₹50 करोड़ के निधि का प्राथमिकता से उपयोग करने की मांग पालकमंत्री से की जाएगी।
- शिक्षित बेरोजगार युवाओं को महावितरण के काम उपलब्ध कराने के लिए लचीली नीति अपनाई जाए।
- स्मार्ट मीटर को लेकर नागरिकों की शंकाओं का समाधान करने के बाद ही आगे की कार्रवाई की जाए और स्मार्ट मीटर लगाने के लिए जबरदस्ती न की जाए।
- सौर ऊर्जा कंपनियों द्वारा CSR निधि से बस स्टॉप बनाए जाएं।
- निजी बिजली लाइनों की शिफ्टिंग के लिए सरकारी निधि का दुरुपयोग नहीं होना चाहिए।
- सौर ऊर्जा परियोजनाओं का काम जिले से बाहर हस्तांतरित किए जाने के मामले की मुख्यमंत्री से जांच की मांग की जाएगी।
- सौर ऊर्जा परियोजनाओं के लिए गायरान भूमि का आवंटन रोका जाए। आवश्यकता से अधिक भूमि आवंटित की गई हो और उसका उपयोग नहीं हो रहा हो, तो ऐसी भूमि सरकार को वापस लेने की कार्रवाई की जाए।
सौर ऊर्जा परियोजनाओं के संबंध में जिलाधिकारी डॉ. मैनाक घोष ने संबंधित परियोजनाओं का ड्रोन सर्वेक्षण करने के आदेश भी बैठक में दिए।
इस अवसर पर सांसद विशाल पाटील ने कहा कि जनता के अधिकारों से जुड़े मुद्दों पर कोई समझौता नहीं किया जाएगा। सांगली जिले की प्रत्येक वाड़ी और बस्ती तक बुनियादी सुविधाएं पहुंचाने के लिए हम प्रतिबद्ध हैं और सदैव प्रतिबद्ध रहेंगे।