मिरज शहर के मालगांव वेस परिसर में आज, मंगलवार (दि. १८ अगस्त) को श्रियाल षष्ठी का पारंपरिक उत्सव श्रद्धा और भक्तिभाव के साथ मनाया जा रहा है। इस अवसर पर श्रियाल राजा की मिट्टी की प्रतिमा बनाकर उसका विधिवत पूजन किया गया। मालगांव वेस परिसर के नागरिकों द्वारा हर वर्ष श्रियाल षष्ठी की परंपरा को निभाया जाता है। इस वर्ष भी पारंपरिक तरीके से मिट्टी की प्रतिमा तैयार की गई है और सुबह से ही पूजन की तैयारी की गई। प्रतिमा का पूजन, आरती और धार्मिक विधियाँ संपन्न होने के बाद भक्तों ने दर्शन किए। श्रावण महीने की धार्मिक परंपराओं में श्रियाल षष्ठी का विशेष महत्व है। इस वर्ष १८ अगस्त को श्रावण शुक्ल षष्ठी तिथि है। पंचांग के अनुसार षष्ठी तिथि शाम तक रहेगी और उसके बाद सप्तमी तिथि शुरू होगी। मालगांव वेस में इस उत्सव की विशेषता यह है कि आज के आधुनिक समय में भी मिट्टी की प्रतिमा बनाकर पारंपरिक विधि से उसका पूजन करने की परंपरा नागरिकों ने कायम रखी है। इससे इस उत्सव के माध्यम से क्षेत्र की पुरानी धार्मिक और सांस्कृतिक परंपराओं का संरक्षण होता दिखाई देता है। उत्सव के अवसर पर क्षेत्र के नागरिक, महिलाएँ, वरिष्ठ नागरिक और भक्तों ने भाग लिया। पूजन के समय मालगांव वेस परिसर में भक्तिमय वातावरण बना रहा। दिनभर भक्तों द्वारा श्रियाल राजा की प्रतिमा के दर्शन के लिए भीड़ उमड़ने की संभावना है। मालगांव वेस में मनाया जाने वाला श्रियाल षष्ठी का यह पारंपरिक उत्सव केवल धार्मिक आस्था तक सीमित न रहकर स्थानीय सांस्कृतिक परंपराओं को अगली पीढ़ी तक पहुँचाने का माध्यम बन रहा है।
श्रियाल राजा की मिट्टी की प्रतिमा का पारंपरिक विधि से पूजन; परिसर में भक्तिमय वातावरण
सेकडो साल की परंपरा आज भी कायम
18 August 2026
•
Sudhir Vijaykumar Gokhale
•
2 Min Read
•
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Published:
18 August 2026, 04:25 PM
Last Updated:
18 August 2026, 04:51 PM
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By Sudhir Vijaykumar Gokhale
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