अरेराज अनुमंडल क्षेत्र के एक विद्यालय में पढ़ाई की बदतर स्थिति और आवंटित राशि गबन के आरोप, ग्रामीणों ने की जांच की मांग
संवाददाता अनुनय कुमार उपाध्याय (गोपालानन्द)

पूर्वी चंपारण, 27 जनवरी 2026 – नीरपुर ग्राम के राजकीय उत्क्रमित मध्य विद्यालय में पढ़ाई की दयनीय स्थिति और भवन निर्माण की राशि के गबन को लेकर ग्रामीणों ने जिला शिक्षा पदाधिकारी से जांच की मांग की है।
ग्रामीणों ने बताया कि विद्यालय में लंबे समय से पढ़ाई-लिखाई की स्थिति अत्यंत खराब है। नियमित कक्षाएं नहीं लग रही हैं, जिससे छात्रों का भविष्य खतरे में पड़ गया है। अभिभावकों द्वारा बार-बार शिकायत करने के बावजूद विद्यालय प्रबंधन की ओर से कोई ठोस कदम नहीं उठाए गए हैं।
भवन निर्माण में गबन के आरोप
ग्रामीणों ने आरोप लगाया कि विद्यालय भवन निर्माण और मरम्मत के लिए स्वीकृत राशि का गबन किया गया है। 10 नवंबर 2025 को ₹66,000 और 26 नवंबर 2025 को ₹10,000 की निकासी हुई, लेकिन उस राशि का उचित उपयोग नहीं किया गया। पुराना विद्यालय भवन इस कदर जर्जर हो चुका है कि वह कभी भी गिर सकता है, जिससे छात्रों की जान को गंभीर खतरा है।

अन्य अनियमितताएं
ग्रामीणों का कहना है कि छात्रों की उपस्थिति के लिए सरकार द्वारा दिए गए टैबलेट्स का कोई अता-पता नहीं है। साथ ही, रात्रि प्रहरी का भी विद्यालय में कोई नामोनिशान नहीं है, लेकिन उनका वेतन नियमित रूप से उठाया जा रहा है।
प्रधानाचार्य पर गंभीर आरोप
ग्रामीणों ने विद्यालय के प्रधानाचार्य रमेश कुमार भारत पर भी गंभीर आरोप लगाए हैं। उनका कहना है कि प्रधानाचार्य शारीरिक और मानसिक अस्वस्थता का बहाना बनाकर बच्चों के भविष्य के साथ खिलवाड़ कर रहे हैं।
ग्रामीणों ने जिला शिक्षा पदाधिकारी से इन सभी मामलों की गहराई से जांच कराने और प्रधानाचार्य का तत्काल तबादला करने की मांग की है।
ग्रामीणों की अपील
ग्रामीणों ने प्रशासन से निवेदन किया है कि विद्यालय की खराब स्थिति को सुधारने के लिए शीघ्र कदम उठाए जाएं, ताकि छात्रों का भविष्य सुरक्षित रह सके।
















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