बाढ़ में नायक बना डाकिया: विशेष भत्ते की मांग
बाढ़ में नायक बना डाकिया: विशेष भत्ते की मांग
*नागपुर, 28 मई 2024* – हाल ही में नागपुर में आई भीषण बाढ़ के दौरान अपनी ड्यूटी निभाते हुए डाकिया गंगाधर खडसे ने अनुकरणीय सेवा और समर्पण का परिचय दिया है। 27 मई को हुई भारी बारिश और जलभराव के बीच, खडसे ने जोखिमों की परवाह किए बिना, डाक सेवाओं को निर्बाध रूप से जारी रखा।
गंगाधर खडसे की इस अद्वितीय सेवा को मान्यता देने के लिए नागपुर ग्रामीण के उप पुलिस अधीक्षक ने विशेष बाढ़ भत्ते की मांग की है। उप पुलिस अधीक्षक ने बताया कि यह भत्ता खडसे द्वारा झेली गई कठिनाइयों और उनके उत्कृष्ट समर्पण के सम्मान स्वरूप दिया जाना चाहिए। प्रस्तावित भत्ता राशि 5,000 रुपये है।
उप पुलिस अधीक्षक ने अपने बयान में कहा, “डाकिया गंगाधर खडसे का विषम परिस्थितियों में अपने कर्तव्यों के प्रति अटूट समर्पण वास्तव में प्रशंसनीय है। उनके प्रयासों ने यह सुनिश्चित किया कि समुदाय को आवश्यक डाक सेवाएं बिना किसी बाधा के मिलती रहें। यह विशेष भत्ता उनके द्वारा की गई असाधारण सेवा के लिए एक छोटा सा सम्मान है।”
भत्ते की मांग के समर्थन में 27 मई 2024 को दर्ज की गई विस्तृत बाढ़ घटना रिपोर्ट संलग्न की गई है। इस रिपोर्ट में बाढ़ की गंभीरता और उन परिस्थितियों का विस्तृत विवरण है जिनमें खडसे ने अपनी ड्यूटी निभाई। इस दौरान स्थानीय निवासियों और अधिकारियों ने भी खडसे के समर्पण और सेवा की भूरी-भूरी प्रशंसा की है।
यह विशेष बाढ़ भत्ता न केवल वित्तीय मुआवजे का प्रतीक है, बल्कि डाक कर्मियों जैसे गंगाधर खडसे द्वारा दिखाए गए समर्पण और धैर्य की मान्यता भी है। इस मांग की स्वीकृति अन्य कर्मचारियों को भी प्रेरित करेगी कि वे प्रतिकूल परिस्थितियों में अपनी सेवा को निरंतर जारी रखें।
समुदाय ने भी इस कदम का समर्थन किया है, जिससे यह स्पष्ट होता है कि कठिन समय में भी सेवा और समर्पण की भावना सर्वोपरि है। नागपुर के शहरी डाकघर और नागपुर ग्रामीण के उप पुलिस अधीक्षक से इस संदर्भ में संपर्क किया जा सकता है।
*रिपोर्टर:* सावित्री (S.K.) सोनी
Crime reporter Nagpur


















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