थाना दिवस पर मस्जिद भूमि अतिक्रमण का मामला उठा, सीओ रणधीर मिश्रा ने टीम गठित कर निस्तारण के दिए निर्देश
सोनभद्र /सत्यनारायण मौर्य/संतेश्वर सिंह

राबर्ट्सगंज, सोनभद्र। थाना दिवस के अवसर पर ग्राम पंचायत तकिया के बड़ी संख्या में ग्रामीणों ने मस्जिद की दर्ज भूमि पर कथित अतिक्रमण के संबंध में सामूहिक प्रार्थना पत्र प्रस्तुत किया। ग्रामीणों ने यह प्रार्थना पत्र सीओ रणधीर मिश्रा को सौंपते हुए भूमि को अतिक्रमण मुक्त कराने तथा राजस्व अभिलेखों के अनुसार मूल स्थिति बहाल करने की मांग की।
मामले की गंभीरता को देखते हुए सीओ रणधीर मिश्रा ने संबंधित राजस्व विभाग को टीम गठित कर स्थलीय निरीक्षण करने तथा नियमानुसार निस्तारण सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। प्रशासन की ओर से दोनों पक्षों की मौजूदगी में पुनः नापी (माप) कराए जाने और गांव स्तर पर आपसी सहमति से समाधान निकालने की बात कही गई।
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सहमति न बनने से बढ़ा विवाद, समिति गठन पर सहमति
ग्रामीणों के अनुसार अब तक किसी बिंदु पर अंतिम सहमति नहीं बन सकी है। प्रशासन ने शांति एवं सौहार्द बनाए रखते हुए आपसी समझौते का सुझाव दिया है। मस्जिद प्रबंधन समिति के अभाव में मामला लगातार तूल पकड़ता गया, हालांकि अब दोनों पक्ष स्थायी समाधान हेतु एक समिति गठित करने पर सहमत बताए जा रहे हैं।
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13 बिसवा दर्ज भूमि में केवल 6 बिसवा सुरक्षित होने का दावा
प्रार्थना पत्र में कहा गया है कि मस्जिद की कुल दर्ज भूमि लगभग 13 बिसवा है, जबकि मौके पर लगभग 6 बिसवा भूमि ही सुरक्षित दिखाई देती है। शेष भूमि पर कथित अतिक्रमण करते हुए:
लैट्रीन एवं बाथरूम निर्माण
समरसेबल स्थापना
ग्राम पंचायत द्वारा पक्की सड़क, खरंजा एवं नाली निर्माण
कराए जाने का आरोप लगाया गया है। ग्रामीणों का कहना है कि राजस्व नक्शे में मस्जिद भूमि के भीतर किसी सड़क या नाली का उल्लेख नहीं है।
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विवादित मार्ग पर उठे सवाल
बताया गया कि यह सड़क मस्जिद की उत्तरी सीमा से इसहाक अहमद के खेत के पास से शुरू होकर दक्षिण दिशा में स्वर्गीय इम्तियाज अहमद के लोहरा बॉर्डर पर समाप्त हो जाती है। आगे कोई मार्ग नहीं होने के कारण ग्रामीणों का आरोप है कि यह रास्ता आम जनता के बजाय कुछ व्यक्तियों के निजी उपयोग के लिए बनाया गया है।
मस्जिद परिसर के बीच से गुजर रही सड़क और नाली निर्माण विवाद का मुख्य कारण बनी हुई है। ग्रामीणों के अनुसार इस निर्माण के कारण लगभग 3 बिसवा भूमि प्रभावित हो गई है।
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प्रशासनिक समाधान न होने पर न्यायालय जाने की चेतावनी
ग्रामीणों ने कहा कि यदि प्रशासनिक अधिकारियों की मौजूदगी में समाधान नहीं निकलता है, तो प्रथम पक्ष न्यायालय की शरण लेने को बाध्य होगा।
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कानूनन क्या कहते हैं प्रावधान
ग्रामीणों ने अपने प्रार्थना पत्र में विभिन्न कानूनी प्रावधानों का हवाला देते हुए कार्रवाई की मांग की है:
उत्तर प्रदेश राजस्व संहिता, 2006 – सार्वजनिक/धार्मिक भूमि पर अतिक्रमण दंडनीय
वक्फ अधिनियम, 1995 – वक्फ संपत्ति पर कब्जा या उपयोग परिवर्तन अवैध
भारतीय दंड संहिता (IPC) धारा 447, 427, 295, 295-A – अतिक्रमण, क्षति एवं धार्मिक भावनाओं से जुड़े अपराध
दंड प्रक्रिया संहिता (CrPC) धारा 107/116 – शांति भंग की आशंका में कार्रवाई
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इन अधिकारियों को भेजी गई प्रतिलिपि
1. उपजिलाधिकारी (सदर), राबर्ट्सगंज, सोनभद्र
2. तहसीलदार, राबर्ट्सगंज, सोनभद्र
3. क्षेत्राधिकारी (सीओ), राबर्ट्सगंज
4. जिला अल्पसंख्यक कल्याण अधिकारी, सोनभद्र
5. उत्तर प्रदेश सुन्नी सेंट्रल वक्फ बोर्ड, लखनऊ
6. खंड विकास अधिकारी, करमा, सोनभद्र
7. लेखपाल / राजस्व निरीक्षक, संबंधित क्षेत्र
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थाना दिवस के मौके पर ग्राम पंचायत तकिया के बड़ी संख्या में ग्रामीण उपस्थित रहे। उपस्थित प्रमुख लोगों में हबीब बेग, मुनौव्वर आलम, हकीक मिर्जा, एजाज अहमद, अखलाक अहमद, तनवीर, राज खान, शाहबुद्दीन, मंजूर आलम, प्रधान प्रतिनिधि असगर रजा, अशरफ, अब्दुल कय्यूम, वहीद बेग, मोहम्मद हसनैन, अख्तर बेग, शमशुदोहा, इशाक अहमद, इकबाल अहमद, इरशाद अहमद, मुमताज अहमद, इबरार अहमद, अशफाक अहमद, वसीम अहमद, इरफान सिद्दीकी, दिशान बेग, फकरुद्दीन, निजामुद्दीन, मौलाना मोहम्मद शाहिद, शमशान अहमद, असलम खान सहित दोनों पक्षों के अनेक लोग मौजूद रहे।
ग्रामीणों को उम्मीद है कि प्रशासनिक हस्तक्षेप से विवाद का शांतिपूर्ण समाधान निकलेगा और धार्मिक स्थल की भूमि की सुरक्षा सुनिश्चित की जा सकेगी।














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