जिले के लिए खुशखबरी, ओड़वाड़ा आरोग्य मंदिर को एनक्यूएएस प्रमाणित संस्थान का दर्जा
तीन साल तक विकास के लिए तीन-तीन लाख रूपए मिलेंगे, 85 फीसदी अंक प्राप्त किए
पूर्णानन्द पांडेय
बांसवाड़ा।
स्वास्थ्य सेवाआंे के लिए जिले में एक ओर खुश खबरी है। हमारे यहां का आयुष्मान आरोग्य मंदिर, प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र ओड़वाड़ा को एनक्यूएएस का प्रमाण पत्र मिला है। दिनांक 1 अप्रेल से 2 अप्रेल 2024 तक आई नेशनलस्तरीय टीम ने विभिन्न मापदंड़ों के आधार पर 85 फीसदी अंक दिए है। इस प्रमाण पत्र के लिए न्यूनतम 70 फीसदी अंक हासिल करना अनिवार्य होता है। इस प्रमाण पत्र से अस्पताल को आने वाले तीन साल तक हर वर्ष 3-3 लाख रूपए का सहयोग मिलेगा। जिसके माध्यम से विभिन्न संस्थान के वैकासिक कार्य हो सकेंगे। गाइडलाइन के अनुरूप स्वास्थ्य सेवाओं का विस्तार होगा।
मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ एचएल ताबियार ने बताया कि केंद्र स्तरीय टीम ने अस्पताल के छह विभागों का बारिकी से आंकलन किया। इस आधार पर मार्क्स दिए गए और ओड़वाड़ा अस्पताल को आज एनक्यूएएस प्रमाणीकरण मिला है। उन्होंने बताया कि डिपाटवाइज देखे तो अस्पताल की ओपीडी को 84 फीसदी, लेबोरेट्री को 82.04 प्रतिशत, लेबर रूम को 82.99, आईपीडी में 88.32, नेशनल हेल्थ प्रोग्राम एक्टिविटी में 83.33 और जनरल प्रबंधन में 90.21 प्रतिशत अंक दिए गए है।
नोडल अधिकारी डॉ भरतराम मीणा ने बताया कि जिले में ओड़वाड़ा के अलावा सल्लोपाट, बस्सी आड़ा, सेनावासा, वजवाना अस्पताल को भी एनक्यूएएस प्रमाण पत्र प्राप्त हो चुका है। उन्हांेने कहा कि चिकित्सा विभाग का प्रयास है कि अधिक से अधिक संस्थान इस प्रमाण पत्र का दर्जा प्राप्त करें। इसके लिए पूरी टीम जिला कलक्टर डॉ इंद्रजीत यादव के नेतृत्व में प्रयास कर रही है। एनक्यूएएस में प्रमाणीकरण के लिए बीसीएमओ के निर्देशन में चिकित्सा प्रभारी डॉ गौरव जैन सहित पूरी स्थानीय टीम ने प्रयास किए। साथ ही जिला मुख्यालय से डीपीएम ललित सिंह झाला, मयंक पंडया, विश फाउंडेशन से दुर्गाशंकर सूत्रधार का सहयोग रहा।

















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