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वाराणसी। तेजी से चल रहे साइबर अपराधियों के नए नए हथकंडा, घर में सो रही बेटी के नाम से फोन कर हिरासत में लेने की बात कही, सूझ-बूझ से बचे डॉक्टर

अंकुर कुमार पाण्डेय
रिपोर्ट सत्यार्थ न्युज
वाराणसी

वाराणसी। तेजी से चल रहे साइबर अपराधियों के नए नए हथकंडा, घर में सो रही बेटी के नाम से फोन कर हिरासत में लेने की बात कही, सूझ-बूझ से बचे डॉक्टर

 

वाराणसी। लंका थाना क्षेत्र के रश्मि नगर कॉलोनी में रहने वाले डॉक्टर के साथ एक अजीबो गरीब ठगी का मामला सामने आया है। जिसमें कॉल करने वाले ने अपने को पुलिस का अधिकारी बताते हुए बताया कि उनकी बेटी और एक और लड़की को हिरासत में लिया गया है। बताया कि उनकी बेटी ने विधायक की लड़की ने किसी विधायक के बेटे से 20-25 लाख रुपए की ठगी की है। इस मामले को सेटल करने के लिए मोटी रकम की डिमांड की गई।
इतना ही नहीं फोन करने वाले ने अपने किसी सीनियर अधिकारी से बात कराया। उक्त नंबर पर गोरखपुर में तैनात एक इंस्पेक्टर का फोटो लगा हुआ था। कॉलर डॉक्टर से आईजी साहब के आने और मीडिया के पास जाने की धमकी देते हुए सेटलमेंट की बात कर रहा था। जबकि डॉक्टर की बेटी घर पर सो रही थी डॉक्टर प्रशांत अपनी सजकता के कारण- ठगी का शिकार होने से बच गए। उन्होंने लंका पुलिस से शिकायत कर कार्रवाई की मांग की है। प्रशांत ने फोन करने वाले से घूम कर कई बार पूछा कि मेरी बेटी कहां है और कहां से आप बोल रहे हैं, कितना पैसा लगेगा? जिस पर फोन करने वाला सिर्फ धमकी भरी बातें कर रहा था। साइबर एक्सपर्ट की मानें तो AI के ज़माने में अपराधी लोगों को ठगने के लिए इस तरह के कई और हथकंडे अपनाते हैं। कई बार तो लोगों को फोन पर उनके परिजनों की भी आवाज़ सुनाई देती है। जबकि ऐसा वास्तव में होता नहीं है। इससे बचने का एक मात्र उपाय है कि आपको जिसके भी नाम से फोन आए, या फिर जिसके नाम से धमकाया जाय। पहले एक बार उक्त व्यक्ति को व्यक्तिगत तौर पर कॉल करके मामले की जांच स्वयं करें। इसके बाद पुलिस से शिकायत करें। जल्दबाजी में किसी भी तरह का निर्णय आपको आर्थिक हानी पहुंचा सकता है।

 

 

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