Advertisement

गौशालाओं को आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में बड़ा कदम, बछड़ों के कास्ट्रेशन और कृत्रिम गर्भाधान पर होगा विशेष फोकस

गौशालाओं को आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में बड़ा कदम, बछड़ों के कास्ट्रेशन और कृत्रिम गर्भाधान पर होगा विशेष फोकस
कलेक्टर ने सानई गौशाला का किया निरीक्षण, बेहतर दुग्ध उत्पादन और स्वच्छ व्यवस्थाओं के लिए दिए निर्देश

गुना
बलवीर योगी, गुना

गुना जिले की गौशालाओं को आत्मनिर्भर एवं आर्थिक रूप से सक्षम बनाने की दिशा में जिला प्रशासन ने बड़ा कदम उठाया है। कलेक्टर श्री किशोर कुमार कन्याल ने शुक्रवार को चांचौड़ा तहसील के कुंभराज क्षेत्र स्थित ग्राम सानई की गौशाला का औचक निरीक्षण किया। इस दौरान उन्होंने गौवंश संरक्षण के साथ दुग्ध उत्पादन क्षमता बढ़ाने पर विशेष जोर दिया।

कास्ट्रेशन और कृत्रिम गर्भाधान पर फोकस
कलेक्टर श्री कन्याल ने पशुपालन विभाग के अधिकारियों को निर्देश दिए कि गौशाला में सभी बछड़ों का वैज्ञानिक पद्धति से कास्ट्रेशन यानी बधियाकरण कराया जाए। साथ ही बेहतर नस्ल संवर्धन के लिए कृत्रिम गर्भाधान कार्यक्रम को मिशन मोड में चलाया जाए। उन्होंने कहा कि उन्नत नस्ल के गौवंश से दुग्ध उत्पादन में वृद्धि होगी, जिससे गौशालाएं आर्थिक रूप से आत्मनिर्भर हो सकेंगी और संचालन में आ रही दिक्कतें दूर होंगी।

जलभराव रोकने के लिए तीन शेड बनाने के निर्देश
निरीक्षण के दौरान गौशाला संचालकों ने बताया कि बरसात के मौसम में जलभराव और कीचड़ की समस्या से गौवंश को परेशानी होती है। इस पर कलेक्टर ने तीन अतिरिक्त शेड निर्माण के लिए तत्काल कार्ययोजना बनाने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि गौवंश के लिए स्वच्छ, सुरक्षित और स्वास्थ्यप्रद वातावरण उपलब्ध कराना प्रशासन की प्राथमिकता है।

चारा-पानी की व्यवस्था संतोषजनक
कलेक्टर ने गौशाला में चारा, भूसा और पेयजल की उपलब्धता का भी जायजा लिया। गौशाला के पास ही हरे चारे की पर्याप्त व्यवस्था की गई है। भूसे का स्टॉक और स्वच्छ पेयजल की भी समुचित व्यवस्था मिली, जिससे वर्षभर गौशाला का संचालन सुचारू रूप से किया जा रहा है। कलेक्टर ने प्रबंधन के प्रयासों की सराहना की और व्यवस्थाओं को और बेहतर करने को कहा।

ये अधिकारी रहे मौजूद
निरीक्षण के दौरान जिला पंचायत सीईओ श्री अभिषेक दुबे, एसडीएम चांचौड़ा श्री रवि मालवीय, तहसीलदार श्री कमल मंडेलिया, पशुपालन विभाग के उपसंचालक सहित अन्य विभागीय अधिकारी एवं कर्मचारी उपस्थित रहे।

कलेक्टर ने कहा कि जिले की सभी गौशालाओं में इसी मॉडल को लागू किया जाएगा, ताकि गौवंश संरक्षण के साथ-साथ उन्हें आर्थिक गतिविधियों से जोड़ा जा सके।

Spread the love

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

error: Content is protected !!