Advertisement

स्कूल खुले 11 बजे, बच्चे करते रहे इंतजार: शिक्षकों की मनमानी से पढ़ाई ठप

*स्कूल खुले 11 बजे, बच्चे करते रहे इंतजार: शिक्षकों की मनमानी से पढ़ाई ठप*


टीकमगढ़ म प्र से कविन्द पटैरिया पत्रकार

डिकौली हायर सेकेंडरी स्कूल का हाल, 10:30 की जगह 12 बजे पहुंचते हैं टीचर; पालक भेज रहे प्राइवेट स्कूल*

*बुड़ेरा।* सरकारी स्कूलों में पदस्थ शिक्षक मनमानी से बाज नहीं आ रहे हैं। ग्रामीण क्षेत्रों में स्कूल खुलने का समय सुबह 10:30 बजे निर्धारित है, लेकिन स्कूल 11 बजे के बाद ही खोले जाते हैं। शिक्षकों की इस लापरवाही के कारण पढ़ाई व्यवस्था ठप हो गई है और मजबूरन पालक अपने बच्चों को निजी स्कूलों में भेज रहे हैं।

ऐसे ही हालात शुक्रवार को विकासखंड टीकमगढ़ के संकुल केंद्र बुड़ेरा अंतर्गत शासकीय उच्चतर माध्यमिक विद्यालय डिकौली में देखने को मिले। निर्धारित समय पर प्राचार्य और शिक्षक नहीं पहुंचे, जिससे बच्चे स्कूल के बाहर इंतजार करते रहे।

*‘एक शिक्षक भेज देते हैं, बाकी 12 बजे आते हैं’*
ग्रामीणों ने बताया कि प्रधानाध्यापक और स्कूल स्टाफ के आपसी तालमेल से या तो स्कूल खोला ही नहीं जाता, या फिर एक शिक्षक को 11 बजे भेज दिया जाता है। बाकी शिक्षक या तो आते ही नहीं या धीरे-धीरे 12 बजे तक पहुंचते हैं। इसका खामियाजा ग्रामीण क्षेत्र के बच्चे भोग रहे हैं। उनका स्तर इतना कमजोर हो गया है कि वह ठीक से हिंदी, अंग्रेजी नहीं पढ़ पाते और गणित के सवाल हल नहीं कर पाते।

*समय से पहले लगा देते हैं ताला*
स्कूलों का समय सुबह 10:30 से शाम 4:30 तक निर्धारित है। लेकिन शिक्षक समय से पहले ही स्कूलों में ताला लगा देते हैं। एक तरफ शासन सरकारी स्कूलों में बच्चों को आकर्षित करने के लिए गणवेश, किताबें, साइकिल, छात्रवृत्ति, मध्यान्ह भोजन जैसी योजनाएं चला रहा है, वहीं शिक्षकों की लापरवाही से ये सभी योजनाएं छात्रों तक पहुंचने से वंचित रह जाती हैं।

*बंद स्कूलों के नजारे आम*
ग्रामीण क्षेत्र के स्कूलों में लापरवाही के कारण बंद स्कूलों के नजारे आम हो गए हैं। सरकार भले ही सरकारी स्कूलों को सुविधा मुहैया कराने में कोई कमी नहीं रखती, लेकिन शिक्षकों की मनमानी से छात्रों के हित की सारी योजनाएं धरी रह जाती हैं।

Spread the love

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

error: Content is protected !!