विकास खण्ड मरवाही के प्राथमिक शाला मौहारटोला परासी में शिक्षकों कि लेटलतीफी और लापरवाही: बच्चों की जान खतरे में,
मौहारटोला प्राथमिक शाला में शिक्षा और सुरक्षा दोनों पर संकट, ट्रांसफार्मर के हाईटेंशन करंट वाली तार से चिपककर 4 दिन पहले मरी मवेशी,

सूरज यादव,गौरेला-पेण्ड्रा-मरवाही। विकासखण्ड मरवाही के प्राथमिक शाला मौहारटोला, ग्राम परासी में शनिवार दिनांक 25/07/2026 को शिक्षकों के देर से पहुंचने का मामला सामने आया है। समय पर स्कूल पहुंचने वाले नौनिहाल बच्चों को घंटों शिक्षकों का इंतजार करना पड़ा। इससे एक बार फिर ग्रामीण क्षेत्रों में शिक्षा व्यवस्था की लापरवाही उजागर हुई है। ग्रामीणों का आरोप है कि यहां शिक्षक अक्सर विलंब से विद्यालय पहुंचते हैं, जबकि बच्चे समय पर स्कूल आ जाते हैं। शिक्षकों की इस लेटलतीफी से बच्चों की पढ़ाई प्रभावित हो रही है और उनके भविष्य के साथ खिलवाड़ हो रहा है।

शिक्षा की लापरवाही के साथ-साथ यहां बच्चों की सुरक्षा भी खतरे में है। प्राथमिक शाला मौहारटोला के मुख्य द्वार से महज 5 से 10 मीटर की दूरी पर बिजली विभाग का 11,000 वोल्ट का ट्रांसफार्मर स्थापित है। इस ट्रांसफार्मर से निकलने वाले हाईटेंशन तार खुले में लटके हुए हैं। ग्रामीणों ने बताया कि स्कूल लगने के दौरान बच्चे परिसर में खेलते रहते हैं। खुले तारों के कारण कभी भी कोई बड़ी दुर्घटना घट सकती है। इस लापरवाही का खामियाजा मवेशियों को भुगतना भी पड़ चुका है। लगभग 4 दिन पहले स्कूल के बगल स्थित तालाब पर पानी पीने गए एक मवेशी की इसी ट्रांसफार्मर से निकले तार में करंट लगने से मौत हो गई थी। स्कूल के बगल में ही तालाब होने के कारण रोजाना मवेशियों का आना-जाना लगा रहता है, जिससे हादसे की आशंका और बढ़ गई है।

ग्रामीणों ने कहा कि एक तरफ शिक्षकों के समय पर नहीं आने से बच्चों का भविष्य अंधकार में है, वहीं दूसरी तरफ बिजली विभाग की लापरवाही से बच्चों और मवेशियों की जान पर बन आई है। उन्होंने जिला प्रशासन और शिक्षा विभाग से मांग की है कि शिक्षकों की उपस्थिति सुनिश्चित की जाए और बिजली विभाग तत्काल ट्रांसफार्मर को सुरक्षित स्थान पर शिफ्ट करवाए, ताकि कोई अप्रिय घटना न घटे।














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