Advertisement

GPM जिले में प्रशासनिक सर्जरी: कलेक्टर का बड़ा फैसला, तहसीलदार बदले, डिप्टी कलेक्टरों को नए विभाग

GPM जिले में प्रशासनिक सर्जरी: कलेक्टर का बड़ा फैसला, तहसीलदार बदले, डिप्टी कलेक्टरों को नए विभाग

पदभार संभालने के 45 दिन बाद ही कलेक्टर डॉ. संतोष देवांगन ने पूरे जिले की प्रशासनिक मशीनरी को हिला दिया। नए सिरे से किया गया कार्य विभाजन, अब हर अधिकारी की तय होगी जवाबदेही।

GPM में ‘सर्जरी’: 45 दिन में कलेक्टर ने बदली पूरी टीम, तहसीलदारों से लेकर SDM तक फेरबदल,

कलेक्टर का एक्शन: GPM में नई प्रशासनिक व्यवस्था, जवाबदेही तय, काम में आएगी तेजी,

डेढ़ महीने में आकलन पूरा: डॉ. संतोष देवांगन ने किया व्यापक कार्य विभाजन, अच्छे काम करने वालों को प्रमोशन,

सूरज यादव,गौरेला-पेंड्रा-मरवाही: जिले में प्रशासन को अधिक जवाबदेह और चुस्त-दुरुस्त बनाने के लिए कलेक्टर डॉ. संतोष कुमार देवांगन ने बड़ा कदम उठाया है। पदभार ग्रहण करने के करीब डेढ़ माह बाद कलेक्टर ने अधिकारियों के प्रदर्शन का आकलन कर व्यापक कार्य विभाजन कर दिया है। 3 जुलाई को कलेक्ट्रेट के अरपा सभागार में हुई राजस्व अधिकारियों की समीक्षा बैठक के बाद जारी दो अहम आदेशों को प्रशासनिक गलियारों में “प्रशासनिक सर्जरी” के नाम से देखा जा रहा है। तत्काल प्रभाव से लागू इस आदेश के बाद जिले में बेहतर समन्वय, तेजी और कानून व्यवस्था को मजबूती मिलने की उम्मीद है।

कलेक्टर डॉ. देवांगन ने अपने इस छोटे से कार्यकाल में विभिन्न विभागों की कार्यशैली, फाइलों की गति और अधिकारियों की कार्यक्षमता को बारीकी से परखा। इसी अनुभव के आधार पर उन्होंने क्षमता के अनुसार जिम्मेदारियां तय की हैं। प्रशासन का मानना है कि स्पष्ट कार्य विभाजन और लिंक अधिकारी प्रणाली से अब फाइलें अटकी नहीं रहेंगी और जनता को समय पर सेवाएं मिलेंगी।

इस फेरबदल में जिला पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी मुकेश रावटे को जिले के ग्रामीण विकास की कमान सौंपी गई है। अब पंचायत, ग्रामीण विकास, शिक्षा, कृषि, उद्यानिकी, पशुपालन, मत्स्य पालन के साथ बैगा विकास प्राधिकरण, पीएम जनमन योजना और आकांक्षी ब्लॉक योजना जैसे अहम विभाग भी उनके पास रहेंगे। यानी गांव से जुड़ी लगभग हर योजना की मॉनिटरिंग अब CEO रावटे करेंगे।

वहीं कानून व्यवस्था और राजस्व से जुड़े मामलों की जिम्मेदारी अपर कलेक्टर दिलेराम डाहिरे को दी गई है। राजस्व अपील, प्राकृतिक आपदा, शस्त्र लाइसेंस, खाद्य सुरक्षा, नगरीय निकाय, स्वास्थ्य, लोक निर्माण, वन, परिवहन, उद्योग और महिला एवं बाल विकास जैसे संवेदनशील विभागों की फाइलों का परीक्षण अब उनके माध्यम से होगा। कानून व्यवस्था के पर्यवेक्षण की जिम्मेदारी भी उन्हें मिली है, जिससे जिले में शांति और सुरक्षा को और पुख्ता किया जा सके।

डिप्टी कलेक्टर स्तर पर भी विषयवार बंटवारा किया गया है। सुश्री आकांक्षा पाण्डेय को अब स्थापना, वित्त, आईटी, जनसंपर्क, आधार, वीडियो कॉन्फ्रेंस और मुख्यमंत्री कौशल विकास योजना का जिम्मा दिया गया है। श्री विक्रांत कुमार अंचल निर्वाचन, डीएमएफ, सीएसआर, लोक सेवा गारंटी, शिकायत शाखा, जनचौपाल और सूचना के अधिकार जैसे जनसरोकार वाले विभाग संभालेंगे। जबकि डिप्टी कलेक्टर देवेन्द्र कुमार सिरमौर को भू-अभिलेख, डायवर्सन, भूमि अर्जन, पासपोर्ट, मुख्यमंत्री घोषणाएं, डीजीपीएस सर्वे, पर्यटन, संस्कृति और पर्यावरण की अहम जिम्मेदारी मिली है।

तहसील स्तर पर भी बड़ा बदलाव हुआ है। शेषनारायण जायसवाल को पेण्ड्रारोड से पेण्ड्रा, श्रीमती प्रीति शर्मा को मरवाही से पेण्ड्रारोड और अविनाश कुजुर को पेण्ड्रा से मरवाही का नया तहसीलदार बनाया गया है। इसके साथ ही उप तहसीलों को मजबूत करने के लिए नायब तहसीलदारों को अतिरिक्त प्रभार भी सौंपे गए हैं। सकोला में भी प्रभारी तहसीलदार और नायब तहसीलदार की जिम्मेदारी तय कर दी गई है।

सबसे खास बात यह रही कि हाल ही के जनगणना और अन्य कार्यों में बेहतर प्रदर्शन करने वाले अधिकारियों को पुरस्कृत किया गया है। इसी कड़ी में डिप्टी कलेक्टर अमित बेक और निकिता मरकाम को अनुविभागीय अधिकारी राजस्व का अतिरिक्त दायित्व सौंपा गया है। पेंड्रारोड और मरवाही SDM के रूप में अब वे राजस्व प्रकरणों का निपटारा भी देखेंगे। इसे प्रशासन की सकारात्मक सोच और अच्छे काम को मान्यता देने के रूप में देखा जा रहा है।

कलेक्टर डॉ. देवांगन के इस फैसले से अब हर विभाग की जवाबदेही तय हो गई है। प्रशासनिक गलियारों में चर्चा है कि इससे न सिर्फ फाइलों की गति बढ़ेगी बल्कि कानून व्यवस्था और जनसेवा में भी ठोस परिणाम देखने को मिलेंगे। जिला प्रशासन का स्पष्ट संदेश है कि अब लापरवाही की कोई जगह नहीं है।

Spread the love

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

error: Content is protected !!