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सोनभद्र -*चुनाव की सुगबुगाहट होते ही ग्राम प्रधानों में व्यक्तिगत कार्य कराने की लगी होड़*

*चुनाव की सुगबुगाहट होते ही ग्राम प्रधानों में व्यक्तिगत कार्य कराने की लगी होड़*

 

*नगवां ब्लॉक की सबसे बड़ी ग्राम पंचायत सरई गढ़ में ग्राम प्रधान पर लगे भ्रष्टाचार के आरोप*

 

 

*सोनभद्र*/सत्यनारायण मौर्य/संतेश्वर सिंह

 

सोनभद्र विकास खंड नगवां में त्रिस्तरीय पंचायत चुनाव की आहट के बीच ग्राम प्रधानों में सरकारी धन से व्यक्तिगत निजी कार्य कराने की होड़ लग गई है ताजा मामला नगवां ब्लॉक की सबसे बड़ी ग्राम पंचायत सरई गढ़ का है जहां ग्रामीण नंदलाल यादव पुत्र रामजनम ने खंड विकास अधिकारी नगवां अनिल सिंह को शिकायती पत्र देकर ग्राम प्रधान पर अपने निजी भूमि पर सीसी रोड का निर्माण कार्य कराने का आरोप लगाया है नंद लाल यादव ने बताया कि इससे पहले भी मै करीब चार बार लिखित शिकायत सहायक विकास अधिकारी व खंड विकास अधिकारी को दिया था लेकिन अभी तक कोई ठोस कार्रवाई नही की गई जिससे ये साफ प्रतीत होता है कि सरकारी धन के दुरुपयोग में अधिकारियों की मिलीभगत है। उसी मामले को लेकर आज पुनः खंड विकास अधिकारी को शिकायती पत्र दिया है देखना है कि कोई ठोस कार्रवाई होती है या सिर्फ लीपापोती कर मामले को ठंडे बस्ते में डाल दिया जाता है।

आप को बता दें कि त्रिस्तरीय पंचायत चुनाव की आहट से ग्राम प्रधान अपने खास लोगों नात रिश्तेदारों को वक्तिगत लाभ दिलाने के लिए व्यक्तिगत सीसी रोड का निर्माण कराया जा रहा है और इसकी भनक तक नहीं लग पा रही है ब्लॉक के अधिकारियों को मुख्यमंत्री के जीरो टार्लेंस की नीति को ठेंगा दिखाते हुए भ्रष्टाचार में लिप्त अपनी जेबें भरने में लगे हुए हैं।

वही ग्राम प्रधान सरई गढ़ द्वारा अपने निजी भूमि में अपने भाई के घर तक लगभग सवा सौ मीटर सीसी रोड का निर्माण करवाया जा रहा है ग्रामीण विरोध भी कर रहे हैं लेकिन भ्रष्टाचार की जड़ें मजबूत है ग्रामीणों की आवाज सुनाई नहीं देती है नगवां ब्लॉक की सबसे बड़ी ग्राम पंचायत है जहां पर हर ग्राम पंचायतों की अपेक्षा अधिक धन आता है अभी हाल में ही सरई गढ़ में लाली के घर से राम जी के घर तक सीसी रोड का निर्माण किया गया है जिसकी लंबाई सवा सौ मीटर है उस कार्य में भी मानक को ताक पर रखकर घटिया निर्माण कार्य किया गया है जिससे ग्रामीणों में भारी नाराजगी है।

जबकि किसी भी कार्य होने से पहले प्रस्ताव पारित होता है उस कार्य पर कितना लागत आएगी इसका स्टीमेट संबंधित जेई द्वारा बनाया जाता है क्या जेई और पंचायत सचिव को जानकारी नहीं हुई की सीसी रोड का निर्माण प्रधान द्वारा अपने व्यक्तिगत लाभ के लिए निजी भूमि में हो रहा है अगर जानकारी नहीं हुई तो स्टीमेट कैसे बना प्रस्ताव पारित किसे हुआ ऐसे तमाम सवाल है जो इन अधिकारियों के कार्यशैली पर प्रश्नचिन्ह लगा रहे है।

इस मामले को लेकर खंड विकास अधिकारी नगवां अनिल सिंह से सेलफोन पर वार्ता किया गया तो उन्होंने ने बताया कि मामला संज्ञान में है जांच कर कार्यवाही की जाएगी।

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