जिला पंचायत अध्यक्ष ने सपा जिलाध्यक्ष के खिलाफ दी तहरीर
सोनभद्र /सत्यनारायण मौर्य/संतेश्वर सिंह

सोनभद्र। जिले की राजनीति में उस समय हलचल तेज हो गई, जब जिला पंचायत अध्यक्ष राधिका पटेल की ओर से समाजवादी पार्टी के जिलाध्यक्ष राम निहोर यादव के खिलाफ करमा थाने में तहरीर दी गई। तहरीर में सपा जिलाध्यक्ष द्वारा मीडिया और सोशल मीडिया पर दिए गए बयान को झूठा, अपमानजनक एवं मानहानिकारक बताते हुए कड़ी कार्रवाई की मांग की गई है। बताया गया कि सपा जिलाध्यक्ष राम निहोर यादव ने एक निजी चैनल को दिए साक्षात्कार में आरोप लगाया था कि जिला पंचायत अध्यक्ष की कुर्सी पर माफिया का कब्जा है। उन्होंने यह भी कहा कि अध्यक्ष को लगभग डेढ़ लाख रुपये मासिक वेतन मिलता है, जबकि अन्य कार्य एक कथित माफिया के इशारे पर संचालित होते हैं। साथ ही यह भी आरोप लगाया गया कि उक्त माफिया ने धन खर्च कर चुनाव जिताया है। हालांकि, इस पूरे मामले में सबसे अहम सवाल यह बना हुआ है कि आखिर वह माफिया कौन है, जिसका जिक्र किया गया। अब तक सपा जिलाध्यक्ष की ओर से किसी व्यक्ति विशेष का नाम स्पष्ट नहीं किया गया है, जिससे मामले में सस्पेंस बना हुआ है। इसी बयान को अपनी छवि खराब करने की साजिश बताते हुए जिला पंचायत अध्यक्ष राधिका पटेल बुधवार दोपहर अपने समर्थकों के साथ करमा थाने पहुंचीं और मुकदमा दर्ज करने के लिए तहरीर सौंपी। उनका कहना है कि इस प्रकार के आरोप उनकी सामाजिक, राजनीतिक और व्यक्तिगत प्रतिष्ठा को नुकसान पहुंचा रहे हैं। तहरीर में यह भी उल्लेख किया गया है कि संबंधित बयान सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है, जिससे मामला और संवेदनशील हो गया है। पुलिस ने मामले को गंभीरता से लेते हुए जांच शुरू कर दी है। करमा थाना प्रभारी राजेश सिंह ने बताया कि शिकायती पत्र प्राप्त हुआ है और साक्ष्यों के आधार पर जांच की जा रही है। इस घटनाक्रम से जिले की राजनीति में नई सरगर्मी पैदा हो गई है। एक बयान से शुरू हुआ विवाद अब आरोप-प्रत्यारोप, तहरीर और पुलिस जांच तक पहुंच चुका है। आने वाले दिनों में मामले के और तूल पकड़ने की संभावना जताई जा रही है, जिससे राजनीतिक और कानूनी गतिविधियां तेज हो सकती हैं।














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