संवाद दाता सुधीर गोखले
विश्व पर्यावरण दिवस के अवसर पर, सांगली-मिराज-कुपवाड नगर निगम और विभिन्न सामाजिक संगठनों ने संयुक्त रूप से आज सांगली में कृष्णा नदी के सरकारी घाट और नदी तल की सफाई का अभियान चलाया। जिला कलेक्टर मैनाक घोष और नगर आयुक्त संजीता महापात्रा ने स्वयं इस अभियान में भाग लिया और नदी संरक्षण का संदेश दिया। इस विशेष अभियान का मुख्य उद्देश्य कृष्णा नदी की पवित्रता को बनाए रखना और नदी तल को प्रदूषण मुक्त बनाना था। नगर निगम के स्वच्छता दूतों, कर्मचारियों और सामाजिक कार्यकर्ताओं ने स्वयं नदी तल में उतरकर श्रमदान किया। इस अभियान के दौरान कुछ विशेष मुद्दों पर जोर दिया गया। नदी तल में जमा कूड़ा, प्लास्टिक बैग और अन्य अपशिष्ट पदार्थों को एकत्रित किया गया। नागरिकों द्वारा नदी में फेंके गए निर्मल्या और देवी-देवताओं की तस्वीरों को बड़ी संवेदनशीलता से सुरक्षित निपटान के लिए एकत्र किया गया। इस अवसर पर जिला कलेक्टर मैनाक घोष और आयुक्त संजीता महापात्रा ने सांगली के सभी नागरिकों से अपील की कि कृष्णा नदी सांगली की जीवनरेखा है। इसकी स्वच्छता बनाए रखना न केवल प्रशासन का दायित्व है, बल्कि प्रत्येक नागरिक का नैतिक दायित्व भी है। नागरिकों को निर्मल्या, प्लास्टिक और किसी भी अन्य प्रकार का कचरा नदी के तल या घाटों पर नहीं फेंकना चाहिए। उन्हें नगर निगम के साथ मिलकर शहर और नदी को स्वच्छ रखने में सहयोग करना चाहिए। ‘निर्धार फाउंडेशन’ और अन्य सामाजिक संगठनों के प्रतिनिधियों, विभिन्न क्षेत्रों के सामाजिक कार्यकर्ताओं और जागरूक नागरिकों ने इस अभियान में स्वेच्छा से बड़ी संख्या में भाग लिया। यह अभियान स्वास्थ्य एवं स्वच्छता विभाग की उपायुक्त स्मृति पाटिल के मार्गदर्शन में योजनाबद्ध और कार्यान्वित किया गया था। मुख्य स्वच्छता अधिकारी सचिन सागावकर, सहायक आयुक्त विनायक शिंदे, स्वच्छता अधिकारी याकूब मद्रासी, अतुल अठावले और नगर निगम के सभी स्वच्छता निरीक्षक, मुकदम और स्वच्छता कर्मचारी बड़ी संख्या में उपस्थित थे।
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