बिहार सरकार ने बेतिया राज (Bettiah Raj) की जमीनों और संपत्तियों के मालिकाना हक को लेकर एक महत्वपूर्ण योजना तैयार की है।
संवाददाता अनुनय कु० उपाध्याय। (सत्यार्थ)

राजस्व पर्षद (Board of Revenue) ने सरकार को एक प्रस्ताव भेजा है, जिसमें लीज या किराए पर जमीन लेने वाले लोगों को राहत देने की बात कही गई है। 10-15% शुल्क पर मालिकाना हक: राजस्व पर्षद के प्रस्ताव के अनुसार, जिन लोगों ने बेतिया राज की जमीन या मकान लीज या किराए पर लिए हैं, उन्हें बाजार मूल्य का 10 से 15 प्रतिशत राशि चुकाकर उस जमीन की रजिस्ट्री (मालिकाना हक) अपने नाम कराने का अवसर मिल सकता है।
लाभार्थी: इस निर्णय से लगभग 5,000 परिवारों और व्यवसायियों को सीधा फायदा होने की उम्मीद है, जो लंबे समय से इन जमीनों पर अपना व्यवसाय या अन्य कार्य कर रहे हैं। प्रस्ताव की स्थिति: वर्तमान में यह प्रस्ताव राज्य सरकार की एक विशेषज्ञ समिति के पास विचाराधीन है। सरकार की अंतिम मुहर लगने के बाद इसकी आधिकारिक अधिसूचना (Notification) जारी की जाएगी। भूमि अधिग्रहण और बिल: बिहार सरकार ने हाल ही में ‘बेतिया राज संपत्ति अधिग्रहण विधेयक 2024’ (Bettiah Raj Property Takeover Bill, 2024) पारित किया है, जिसके तहत लगभग 15,215 एकड़ जमीन अब पूर्णतः राज्य सरकार के अधीन आ गई है।
अतिक्रमण पर कार्रवाई: सरकार एक ओर जहां लीज धारकों को राहत दे रही है, वहीं अवैध कब्जा करने वालों (अतिक्रमणकारियों) के खिलाफ सख्त कार्रवाई कर रही है। पश्चिम और पूर्वी चंपारण में हजारों लोगों को जमीन खाली करने के नोटिस जारी किए गए हैं। सरकारी उपयोग: सरकार इस जमीन का उपयोग अस्पताल, स्कूल, विश्वविद्यालय और अन्य सार्वजनिक बुनियादी ढांचों के निर्माण के लिए करने की योजना बना रही है।

















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