निर्मली पंचायत भवन निर्माण में घटिया सामग्री का प्रयोग
सुपौल से प्रियंका कुमारी

ग्रामीणों के विरोध के बाद अधिकारियों ने जांच के आदेश दिए
सुपौल जिले के पिपरा प्रखंड अंतर्गत निर्मली पंचायत के वार्ड नंबर 4 में बन रहे पंचायत सरकार भवन के निर्माण में घटिया सामग्री के इस्तेमाल का आरोप लगा है। ग्रामीणों के विरोध और शिकायत के बाद पंचायती राज पदाधिकारी और असिस्टेंट इंजीनियर ने मौके पर पहुंचकर जांच की और संवेदक को खराब सामग्री हटाने का निर्देश दिया।

इस भवन का निर्माण कार्य 24 फरवरी 2025 को शुरू हुआ था, जिसे 23 फरवरी 2026 तक पूरा किया जाना है। निर्माण कार्य युद्ध स्तर पर चल रहा है। ग्रामीणों ने आरोप लगाया कि एजेंसी द्वारा घटिया ईंट और सफेद बालू का चोरी-छिपे इस्तेमाल किया जा रहा है। कार्यस्थल पर 10 ट्रेलर से अधिक सफेद बालू लाल बालू से ढका हुआ पाया गया।

ग्रामीणों की नजर पड़ने पर उन्होंने मजदूरों और मिस्त्रियों से पूछताछ की। उन्होंने बताया कि दीवार के प्लास्टर में स्थानीय बालू का उपयोग किया जा रहा है। मौके पर मौजूद संवेदक के मैनेजर ने स्वीकार किया कि उन्हें संवेदक द्वारा ही स्थानीय बालू मिलाकर प्लास्टर करने का आदेश दिया गया था। ईंटों के बारे में पूछे जाने पर मैनेजर ने बताया कि इनका उपयोग सीढ़ियों के निर्माण में किया जा रहा है। ग्रामीणों ने दीवारों की जुड़ाई के बाद पानी के अभाव में सूखे प्लास्टर पर भी आपत्ति जताई।
ग्रामीणों ने इसकी सूचना पिपरा के बीडीओ अरविंद पंडित को दी, लेकिन उनके कार्यस्थल पर न पहुंचने पर ग्रामीणों ने सुपौल के जिला पदाधिकारी से शिकायत की।

शिकायत के बाद पंचायती राज पदाधिकारी मणिकांत कुमार और असिस्टेंट इंजीनियर आकांक्षा कुमारी कार्यस्थल पर पहुंचे। ग्रामीणों ने उन्हें बताया कि 10 ट्रेलर से भी अधिक सफेद बालू लाल बालू से ढका हुआ रखा है। जांच में आरोप सही पाए जाने पर अधिकारियों ने संवेदक को तत्काल घटिया ईंट और बालू को कार्यस्थल से हटाने का निर्देश दिया।
हालांकि, घटिया ईंट और स्थानीय बालू से भवन निर्माण का कार्य किया जा चुका है। भवन कितना मजबूत होगा, यह भविष्य में ही पता चलेगा।
सुपौल से प्रियंका कुमारी



















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