जमीन निरीक्षण सर्वे पर बिहार सरकार का बड़ा फैसला। कितना लगेगा शुल्क !
सं० – अनुनय कु० उपाध्याय मोतीहारी बिहार
बिहार में रैयतों की सुस्ती से बिहार भूमि सर्वेक्षण की गति काफी धीमी है। अब राजस्व एवं भूमि सुधार विभाग के अपर मुख्य सचिव ने सभी रैयतों से कहा है कि बिहार सरकार ने सर्वे की सुविधा सीमित अवधि के लिए दी है। ऐसे में सभी लोग सक्रियता से इसमें भाग लें। सचिव ने बंदोबस्त पदाधिकारियों को सर्वेक्षण शिविरों का भ्रमण करने का आदेश भी दिया है।
बिहार में इन दिनों जमीन सर्वे को लेकर काफी लोग परेशान हैं। जिनके नाम पर जमीन नहीं है उन्हें वंशावली के साथ पेश होने को कहा गया है। ऐसे में सभी के मन में इस बात की चिंता है कि वंशावली को कैसे बनवा सकते हैं और इसमें कितना खर्च आएगा। तो आज हम आपको वंशावली बनवाने के खर्च के बारे में बताने जा रहे हैं।

सूत्रों कि माने तो ग्राम कचहरी के द्वारा वंशावली निर्गत होगा व जारी नोटिस चौकीदार के माध्यम से भेजा जाएगा। पंचायती राज विभाग के प्राप्त पत्र के अनुसार वंशावली बनाया जाएगा।

इसके लिए पहली बार 10 रुपये शुल्क निर्धारित किए गए हैं, अगर दूसरी बार बनेगा तो 100 रुपए शुल्क लगेंगे। सभी शुल्क ग्राम सेवक के पास जमा कर रसीद लेंगे। आवेदन लेने के बाद सात दिनों के अंदर जांचोपरांत ग्राम कचहरी सचिव को भेजेंगे। ग्राम कचहरी सचिव सरपंच को अग्रसारित करेंगे।
सरपंच आम सूचना पत्र अपने कार्यालय पर चिपकाएंगे। अगर किसी ग्रामीण को आपत्ति होती है तो एक सप्ताह के अंदर आवेदन सरपंच को दे सकते हैं। इसके बाद सरपंच द्वारा ग्राम सेवक को वापस कर दी जाएगी।


















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