रिपोर्ट:- सुपौल बिहार से ब्यूरो चीफ पंकज कुमार
लोकेशं 📍 :- नगर परिषद, सुपौल।
स्व. असरफी पासवान,माली सह सचिव,सुपौल का देहावसान दिनांक 25.01.2026 को 75 वर्ष उम्र पुरी करने के बाद हो गया।

स्व. असरफी पासवान, रो.नि. माली सह सचिव, बिहार लोकल बॉडिज इम्लाईज फेडरेशन ईकाई, सुपौल का देहावसान दिनांक 25.01.2026 को 75 वर्ष उम्र पुरी करने के बाद हो गया।
स्व. असरफी पासवान, रो.नि. गाली सह सचिव, बिहार लोकल बॉडिज इम्लाईज फेडरेशन ईकाई, सुपौल का देहावसान दिनांक 25.01.2026 को 75 वर्ष उम्र पुरी करने के बाद हो गया। उनकी नियुक्ति नगर परिषद, सुपौल में दिनांक 15.06.1969 को हुई थी। उनका कार्यकाल उनके सेवाअवधि से लेकर संपूर्ण कार्यकाल अनुशासन प्रिय, सरल एवं संघर्षशील रहा है। उनके मृत्यु से नगर परिषद सुपौल के सभी कर्मियों/माननीय मुख्य पार्षद/नगर कार्यपालक पदाधिकारी, नगर परिषद सुपौल समेत सभी अधिकारी ने गहरी संवेदना व्यक्त करते हुए माननीय मुख्य पार्षद के अध्यक्षता में उनके द्वारा जीवन में नगर निकाय कर्मियों को दिलाए गई अधिकार को याद किया गया।

से.नि. प्रधान सहायक श्री शंभु शंकर दास ने कहा कि स्व. असर्फी पासवान का निधन कर्मियों के लिए अपुर्निय क्षति है। उक्त अवसर पर श्री राघवेन्द्र झा, माननीय मुख्य पार्षद, श्री अरविन्द कुमार सिंह, कार्यपालक पदाधिकारी, श्रीमति निशा प्रवीण, नगर प्रबंधक, सुश्री शालु सिंह, APSWMO, श्री राकेश कुमार, सहायक नगर योजना पर्यवेक्षक, श्री किसुनदेव कामत, मो. असजद आलम, श्री अमरेन्द्र कुमार यादव, श्री प्रमोद कुमार, श्री राजकुमार यादव, श्री रविशंकर रमण, श्री रविशेखर झा, श्री राजेश कुमार सिंह, श्री रविन्द्र कुमार, श्री शशिभूषण कुमार, श्री नितिश कुमार, श्री पंकज कुमार प्रेम, श्री सुशील कुमार, मो मुन्तजीर अली, श्री यदुवंशी यादव, श्री लक्ष्मी राउत, सुशीला देवी, शंभुशंकर दास, रामसरण साह, हीरा देवी, माननीय पार्षद श्री गगण ठाकुर, माननीय पर्षद श्री मिथिलेश कुमार मंडल, पार्षद प्रतिनिधि मो. साहिद हुसैन उर्फ बबलु जी मौजुद रहें।

मो. असजद आलम, महामंत्री, बिहार लोकल बॉडिज इम्पलाईज फेडरेशन संयुक्त संघर्ष मोर्चा ने बताया की नगर निकाय कर्मी आज जो भी वेतन अथवा पेंशन प्राप्त कर रहें है। उसकी लड़ाई में एक समय ऐसा था जब संपूर्ण बिहार में पांच हजार कर्मियों को भागलपुर जेल में बंद कर दिया गया था। उस आंदोलन में स्व. असरर्फी पासवान भी चार माह तक जेल में बंद थे। उसके बाद राज्य सरकार को मजबूरन राज्य सरकार के कर्मियों के भांति नगर निकाय कर्मियों को उनका अधिकार बिहार सरकार के द्वारा गजट प्रकाशित कर लागू किया गया। उन महान क्रांतिकारी योद्धाओं में स्व. उमेश्वर ठाकुर, स्व. कनकलता सिंह, रव. सुरेन्द्र नाथ मिश्रा, सत्येन्द्र प्र. सिंह, स्व. मुतुर्जा अली आदि की देन है। स्व. असरफी पासवान भले ही इस दुनियां में नहीं रहे परंतु नगर परिषद, सुपौल समेत संपूर्ण बिहार के कर्मियों के दिल में आजीवन रहेंगे। माननीय मुख्य पार्षद द्वारा उनके कार्यकाल एवं कुशल व्यवहार की सराहना करते हुए दो मिनट का मौन धारण कर दिगवंत आत्मा की शांति हेतु प्रार्थना करने के बाद शोक सभा की कार्रवाई समाप्त की गई तथा कार्यालय बंद करने का निर्णय लिया गया गया।


















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