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नवादा में 26 नीलगाय को मारी गई गोली, किसानों की फसल बचाने के लिए हुई कार्रवाई

नवादा में 26 नीलगाय को मारी गई गोली, किसानों की फसल बचाने के लिए हुई कार्रवाई

नवादा में फसल को बचाने के लिए जिला प्रशासन के आदेश पर 26 नीलगाय को मारी गोली

नवादा
रवि भूषण कुमार
दिनांक 24.12.2025


नवादा : बिहार के नवादा में नीलगाय का आतंक कम नहीं हो रहा। लगातार खेत में फसल नष्ट होने के कारण जिला प्रशासन ने नीलगाय को शूट करने के आदेश दिए हैं। इसके बाद नीलगाय का शिकार शुरू हो गया है। जिले में 26 नीलगाय को गोली मारी गयी है।

मुखिया के आवेदन पर कार्रवाई : यह कार्रवाई जिले की महुली पंचायत में की गयी। महुली पंचायत के मुखिया प्रतिनिधि विपिन सिंह ने पंचायती राज पदाधिकारी और जिले के डीएम को आवेदन दिया था। फसल को जंगली जानवरों के द्वारा नष्ट कर दिया जाता है। हर साल प्रत्येक किसान को 2 से तीन लाख रुपये से अधिक का नुकसान होता है। मुखिया ने इससे निजात दिलाने की मांग की थी।

“मुझे जानकारी नहीं थीं कि फसल को बचाने के लिए ऐसा कदम उठाया जा सकता है। हमने नवादा डीएम रवि प्रकाश को आवेदन देकर फसल बचाने की मांग की थी। विभागीय आदेश के बाद यहां शूटर आए और नीलगायों पर हमला बोला।” -विपिन सिंह, मुखिया प्रतिनिधि , महुली पंचायत

“मुझे विभागीय आदेश मिला कि स्थानीय मुखिया के निर्देशन में जो भी जानवर चाहे नीलगाय हो या जंगली सूअर उसे सूट किया जाए। ताकि फसलों की हो रहे नुकसान को रोका जाए. अभी प्रक्रिया जारी है।”
-क़याम अख्तर, शूटर, वन विभाग

नीलगाय को गोली मारी जा रही : नवादा के खासकर सिसवा और भगवानपुर जैसे इलाकों में ज्यादा नुकसान हो रहा है। जिला प्रशासन के आदेश पर वन विभाग और स्थानीय मुखिया प्रतिनिधि विपिन सिंह की मदद से टीम बनाई गई है। पहले पटाखे की आवाज से जानवर को भगाने का काम कर रहे हैं, इसके बाद भी समाधान नहीं होने पर शूटर नीलगाय को सीधे गोली मार रहे हैं।

राज्य में 04 हजार से अधिक नीलगाय मारे गए : बिहार के पर्यावरण, वन एवं जलवायु परिवर्तन विभाग के मुताबिक, राज्य के कई जिलों में पिछले एक साल में नीलगाय की वजह से फसलों को नुकसान पहुंचा। जिसके बाद 4,279 नीलगाय को मारने का फैसला लिया गया।

फसल बचाने के लिए अभियान: मार्च 2025 में बिहार विधानसभा में एक सवाल का जवाब देते हुए मंत्री सुनील कुमार ने कहा था कि था की 2024-25 फरवरी तक राज्य के जिलों में करीब 4,279 नीलगाय को मारा गया है। इसको लेकर विभिन्न जिलों में अभियान शुरू किया गया था। ऐसा कदम किसानों की ओर से मिली शिकायत के आधार पर उठाया गया था, क्योंकि जंगली जानवर फसल को नष्ट कर रहे थे।

गोपालगंज में सबसे ज्यादा शिकार : 2024-25 फरवरी तक मंत्री सुनील कुमार के अनुसार सबसे ज्यादा वैशाली में 3,057 नीलगाय को मारा गया. इसके बाद गोपालगंज में 685, समस्तीपुर में 256, मुजफ्फरपुर में 124, सीतामढ़ी में 71, मुंगेर में 48, सारण में 18, बेगूसराय में 14, नालंदा में 6 नीलगाय को मारा गया था. हालांकि राज्य में कितने जंगली सुअरों को मारा गया है इसका आंकड़ा नहीं है।

बिहार में मारे गए नीलगाय का आंकड़ा : फसल नष्ट होने पर मुआवजा: बिहार सरकार किसानों को 50 हजार रुपये प्रति हेक्टेयर मुआवदा देती है। गांव के मुखिया वन विभाग के शूटर को जंगली जानवर को मारने के लिए रखते हैं ताकि फसल को नुकसान से बचाया जा सके।

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