मध्य प्रदेश में अधिमान्य पत्रकारों की मान्यता हेतु जिला स्तर पर समितियों का गठन: आवश्यकता और सरलीकरण की मांग

भोपाल, 14 जुलाई 2025*: मध्य प्रदेश में अधिमान्य पत्रकारों को मान्यता प्रदान करने के लिए जिला स्तर पर समितियों का गठन एक महत्वपूर्ण कदम है, लेकिन कई जिलों में इन समितियों का गठन अभी तक नहीं हो सका है। विशेष रूप से कटनी जैसे जिलों में लंबे समय से ऐसी समितियां गठित नहीं की गई हैं, जिससे पत्रकारों को मान्यता प्राप्त करने में कठिनाई हो रही है। जनसंपर्क विभाग और सूचना एवं प्रसारण विभाग से मांग की जा रही है कि जिला, संभाग और प्रदेश स्तर पर समितियों का गठन कर मान्यता प्रक्रिया को पारदर्शी और सरल बनाया जाए।
जिला स्तर पर समितियों की स्थिति
मध्य प्रदेश में पत्रकारों को मान्यता प्रदान करने के लिए जिला कलेक्टर की अध्यक्षता में समितियों का गठन किया जाता है। इन समितियों में जिला प्रशासन, पुलिस, लोक अभियोजन और अन्य संबंधित विभागों के प्रतिनिधि शामिल होते हैं। उदाहरण के लिए, उज्जैन जिले में 28 मई 2019 को जिला स्तरीय समिति गठित की गई थी, जिसमें कलेक्टर की अध्यक्षता में पुलिस अधीक्षक, लोक अभियोजन अधिकारी और अन्य शामिल थे। हालांकि, कटनी सहित कई जिलों में ऐसी समितियां अभी तक अस्तित्व में नहीं हैं, जिसके कारण पत्रकारों को मान्यता प्राप्त करने में देरी हो रही है।
#### मान्यता प्रक्रिया में चुनौतियां
वर्तमान में पत्रकारों को मान्यता प्राप्त करने के लिए जटिल प्रक्रिया से गुजरना पड़ता है। उत्तर प्रदेश के उदाहरण से तुलना करें तो वहां सूचना एवं जनसंपर्क विभाग की वेबसाइट पर आवेदन पत्र उपलब्ध हैं, जिसे डाउनलोड कर जिला सूचना अधिकारी के माध्यम से आवेदन किया जा सकता है। मध्य प्रदेश में भी ऐसी सुविधा की आवश्यकता है। पत्रकारों का कहना है कि मान्यता नियमों को सरल करने और ऑनलाइन आवेदन प्रणाली शुरू करने से प्रक्रिया में पारदर्शिता आएगी
#### गैर-मान्यता प्राप्त पत्रकारों की स्थिति
प्रदेश में कई मेहनती पत्रकार, विशेष रूप से ग्रामीण और छोटे शहरों में कार्यरत, गैर-मान्यता प्राप्त हैं। इन पत्रकारों को सरकारी सुविधाएं, जैसे प्रेस कॉन्फ्रेंस में प्रवेश या सरकारी विज्ञापन, प्राप्त करने में कठिनाई होती है। कुछ मीडिया संगठनों ने यह भी आरोप लगाया है कि मान्यता प्रक्रिया में अनियमितताएं होती हैं, जिससे केवल बड़े मीडिया समूहों को लाभ मिलता है, जबकि छोटे और स्वतंत्र पत्रकार हाशिए पर रह जाते हैं।
#### मांग और सुझाव
पत्रकार संगठनों और स्वतंत्र पत्रकारों ने मांग की है कि:
1. *जिला स्तर पर समितियों का गठन*: कटनी जैसे सभी जिलों में तत्काल समितियों का गठन किया जाए।
2. *संभाग और प्रदेश स्तर पर समितियां*: मान्यता प्रक्रिया को और प्रभावी बनाने के लिए संभाग और प्रदेश स्तर पर भी समितियां गठित की जाएं।
3. *नियमों का सरलीकरण*: मान्यता के लिए जटिल नियमों को सरल किया जाए ताकि ग्रामीण क्षेत्रों में कार्यरत पत्रकार भी इसका लाभ उठा सकें।
4. *पारदर्शिता*: समितियों की संरचना और उनके निर्णयों को सार्वजनिक किया जाए ताकि प्रक्रिया में विश्वास बना रहे।
5. *ऑनलाइन पोर्टल*: आवेदन और स्थिति ट्रैकिंग के लिए एक ऑनलाइन पोर्टल शुरू किया जाए।
#### सरकार और जनसंपर्क विभाग की भूमिका
मध्य प्रदेश का जनसंपर्क विभाग (DPR) सरकारी योजनाओं, नीतियों और प्रशासनिक समाचारों को जनता तक पहुंचाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है। विभाग को यह सुनिश्चित करना चाहिए कि पत्रकारों को मान्यता प्रदान करने की प्रक्रिया न केवल पारदर्शी हो, बल्कि सभी पत्रकारों के लिए समान अवसर प्रदान करे। केंद्र सरकार के सूचना एवं प्रसारण मंत्रालय ने भी प्रेस परिषद के नाम के दुरुपयोग को रोकने के लिए हाल ही में एडवाइजरी जारी की थी, जो इस दिशा में पारदर्शिता की आवश्यकता को दर्शाता है।
#### निष्कर्ष
मध्य प्रदेश में पत्रकारों को मान्यता प्रदान करने की प्रक्रिया को सुव्यवस्थित करने के लिए तत्काल कदम उठाने की आवश्यकता है। जिला स्तर पर समितियों का गठन, नियमों का सरलीकरण और पारदर्शी ऑनलाइन प्रणाली लागू करने से न केवल पत्रकारों को लाभ होगा, बल्कि जनता तक सही और समयबद्ध जानकारी पहुंचाने में भी मदद मिलेगी। सरकार और जनसंपर्क विभाग से अपेक्षा है कि वे इस दिशा में शीघ्र कार्रवाई करें ताकि पत्रकारिता के क्षेत्र में कार्यरत सभी लोगों को समान अवसर प्राप्त हो।
*स्रोत*:
– मध्य प्रदेश विधानसभा, उज्जैन जिला समिति गठन, 2019[](https://mpvidhansabha.nic.in/house%2520proceedings/ques170322.htm)
– उत्तर प्रदेश सूचना एवं जनसंपर्क विभाग, 2023[](https://supremenews.online/?p=11207)
– भड़ास4जर्नलिस्ट, मान्यता प्रक्रिया में अनियमितताएं, 2023[](https://bhadas4journalist.com/8305.htm)
– सूचना एवं प्रसारण मंत्रालय, भारत सरकार, एडवाइजरी, तिथि अज्ञात[](https://dhar.nic.in
– मध्य प्रदेश जनसंपर्क विभाग,
निवेदन: यह समाचार लेख मध्य प्रदेश में पत्रकारों की मान्यता प्रक्रिया को बेहतर बनाने के लिए एक जागरूकता प्रयास है। तथ्यों की सटीकता के लिए संबंधित विभागों से संपर्क कर पुष्टि की जा सकती है।















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