लगातार बारिश से बिगड़े हालात: नदी में बही बुजुर्ग महिला, कई कॉलोनियों में भरा पानी
कई गांव मुख्यालय से कटे, पिछले चौबीस घंटे में 3 इंच से अधिक बारिश
(मध्य प्रदेश गुना रिपोर्टर अभिषेक शर्मा)।

जिले में सावन का महीना इस बार आफत की बारिश लेकर आया है। शनिवार और रविवार की दरम्यानी रात से शुरू हुई मूसलधार बारिश रविवार शाम तक रूक-रूक कर जारी रही, जिससे शहर की अधिकांश कॉलोनियों में जलभराव की स्थिति बन गई है। मौसम विभाग के अनुसार, गुना शहर में रविवार शाम तक 3 इंच से अधिक वहीं बमोरी में रविवार सुबह तक 2.8 इंच और मधुसूदनगढ़ में 2.2 इंच बारिश रिकॉर्ड की गई है। लगातार बारिश के कारण भगत सिंह कॉलोनी, गोविंद गार्डन, पुरानी छावनी, शिवाजी नगर रोड, नानाखेड़ी मंडी गेट, कैंट, भुल्लनपुरा और गुलाबगंज जैसे क्षेत्रों में गलियों में कई फीट तक पानी भर गया है। सबसे अधिक परेशानी पुरानी छावनी और भुल्लनपुरा क्षेत्र में देखने को मिली जहां पानी घरों तक घुस गया और लोग पानी के बीच से ही आवाजाही को मजबूर हुए। शहर के बीच से बहने वाला नाला भी उफान पर आ गया, जिससे आस-पास के क्षेत्रों में और जलभराव की स्थिति गंभीर हो गई।
नदी पार करते समय बुजुर्ग महिला बहकर लापता
उल्लेखनीय है कि जिले में लगातार हो रही बारिश से जनजीवन अस्त-व्यस्त होता जा रहा है। जहां एक ओर शहर की गलियों और कॉलोनियों में जलभराव की स्थिति है, वहीं ग्रामीण क्षेत्रों में बारिश अब जानलेवा भी साबित हो रही है। रविवार को कैंट थाना क्षेत्र अंतर्गत ग्राम कुशालपुर में एक 80 वर्षीय बुजुर्ग महिला कंचनबाई अहिरवार कनेरा नदी (सिंध नदी की सहायक नदी) को पार करते समय बह गईं। प्राप्त जानकारी के अनुसार कंचनबाई रविवार सुबह शौच के लिए नदी पार कर रही थीं, तभी तेज बहाव में उनका संतुलन बिगड़ गया और वे पानी में बह गईं। परिजनों और ग्रामीणों को जब इसकी जानकारी लगी तो उन्होंने आसपास तलाश शुरू की, लेकिन सफलता नहीं मिली। बाद में सूचना प्रशासन को दी गई, जिस पर तहसीलदार सहित प्रशासनिक अमला और रेस्क्यू टीम मौके पर पहुंची और महिला की खोजबीन शुरू की गई। ग्रामीणों ने बताया कि गांव में शौचालय की पर्याप्त व्यवस्था नहीं होने से महिलाओं को अब भी नदी पार कर खुले में शौच के लिए जाना पड़ता है। बारिश के दिनों में नदी उफान पर आ जाती है और नदी पार करना अत्यंत जोखिम भरा हो जाता है। प्रशासन को कई बार इस समस्या से अवगत कराया गया, लेकिन अब तक स्थायी समाधान नहीं निकला है।
भुल्लनपुरा, गणेश गार्डन के पीछे बने बाढ़ के हालात

वार्ड क्रमांक 24 के भुल्लनपुरा चौराहा, गणेश गार्डन के पीछे स्थित क्षेत्र में तो हालात बाढ़ जैसे बन चुके हैं। कॉलोनी में लगातार पानी भरने और नाले की अनुपलब्धता के कारण यहां के निवासी बेहद परेशान हैं। स्थानीय नागरिकों ने कई बार नगर पालिका, सीएमओ और नगर पालिका अध्यक्ष को आवेदन दिए लेकिन कोई कार्रवाई नहीं की गई। बताया जा रहा है कि यहां करीब दो वर्ष पहले नाला निर्माण प्रस्तावित था, परंतु राजनीतिक हस्तक्षेप और रसूखदारों के दबाव में अब तक निर्माण नहीं हो सका। इस कारण हर बार बारिश में लोगों को जान-माल के खतरे का सामना करना पड़ता है। वार्डवासियों ने कलेक्टर को भी सूचना देकर तत्काल ध्यान देने की मांग की है, ताकि कोई बड़ी दुर्घटना होने से पहले ही हालात संभाले जा सकें।
पुलिया का पाइप जाम, सडक़ से बहने लगा पानी
इसी तरह वार्ड 19 में कुशमोदा पुलिस चौकी के पास पुलिया का पाइप जाम होने से डामर सडक़ के ऊपर से पानी बहने लगा है। दो पाइपों में से एक पूरी तरह बंद हो चुका है और दूसरा आंशिक रूप से अवरुद्ध है। इससे पानी पुलिया के नीचे से न जाकर सडक़ के ऊपर से बह रहा है, जिससे सडक़ के किनारों पर कटाव शुरू हो गया है। यदि समय रहते मरम्मत नहीं की गई तो यह सडक़ पूरी तरह टूट सकती है। इस मार्ग से इंडस्ट्रीज एरिया के वाहन और कुशमोदा एवं बमोरी बुजुर्ग के नागरिक गुजरते हैं। यह एकमात्र संपर्क सडक़ है, ऐसे में इसके क्षतिग्रस्त होने से जनजीवन और औद्योगिक परिवहन बुरी तरह प्रभावित होगा।
कई गांवों का संपर्क टूटा
इधर जिले के नदी-नालों के उफान पर आने से कई ग्रामीण क्षेत्रों का संपर्क भी जिला मुख्यालय से टूट गया है। बमोरी, आरोन, कुंभराज और चांचौड़ा क्षेत्रों में भी भारी बारिश हुई है जिससे ग्रामीण अंचल में जलभराव की स्थिति बन गई है। अब जबकि बारिश का सिलसिला अभी थमता नहीं दिख रहा है, नगर पालिका, पीडब्ल्यूडी और जिला प्रशासन को तत्काल प्रभाव से जल निकासी व्यवस्था दुरुस्त करने, अवरुद्ध पुलियों को खोलने और नालों की सफाई कराने की जरूरत है। नागरिकों ने मांग की है कि संबंधित क्षेत्रों में राहत दल भेजे जाएं और स्थायी समाधान की दिशा में कदम उठाए जाएं, ताकि हर साल की तरह इस बार भी लोगों को जान जोखिम में डालकर पानी से लडऩा न पड़े।
जिले में अब तक 444.9 मिलीमीटर औसत वर्षा दर्ज
जिले में 01 जून से अब तक 444.9 मिलीमीटर औसत वर्षा दर्ज की गई है। जो कि सामान्य वर्षा का 42.2 प्रतिशत है। जिले में गत वर्ष इसी अवधि में 304.7 औसत वर्षा दर्ज की गई थी। जिले की वर्षा ऋतु में सामान्य औसत वर्षा 1053.5 मिलीमीटर है। अधीक्षक भू-अभिलेख द्वारा दी गई जानकारी के अनुसार 01 जून से 13 जुलाई प्रात: 8 बजे तक जिले के वर्षामापी केन्द्र गुना में 687.3 मिलीमीटर, बमौरी में 614, आरोन में 409, राघौगढ़ में 361, चांचौड़ा में 316, कुम्भराज में 361.0 तथा वर्षा मापी केन्द्र मक्सूदनगढ में 364.6 मिलीमीटर वर्षा दर्ज की गई है। जिले में बीते 24 घंटे में 28 मिलीमीटर औसत वर्षा दर्ज की गई। इस अवधि में वर्षा मापी केन्द्र गुना में 36.8 मिमी., बमोरी में 72 मिमी., आरोन में 13.0 मिमी., राघौगढ़ में 3 मिमी., चांचौड़ा में 14 मिमी., कुंभराज में 2 एवं वर्षामापी केन्द्र मक्सूदनगढ़ में 55 मिमी. वर्षा दर्ज की गई।- (मध्य प्रदेश गुना रिपोर्टर अभिषेक शर्मा)
















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