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सोनभद्र -बगैर रेडियो लॉजिस्ट के चल रहा अल्ट्रासाउंड केंद्र

बगैर रेडियो लॉजिस्ट के चल रहा अल्ट्रासाउंड केंद्र

 

सोनभद्र /विजय विनीत

सोनभद्र तुम्हारी सात पुश्त कोढ़ी हो यह कहना है सोनभद्र जनपद के दूबेपुर गांव निवासी बिमलेश का बिमलेश ने यह पीड़ा भगवान के सामने स्वास्थ विभाग के अधिकारियों व उनकी कृपा पर पलने वाले अवैध तरीके से स्वास्थ केंद्रों का संचालन करने वालों के लिए कही बिमलेश 06 मार्च को अपनी गर्भ वती पत्नी को लेकर अल्ट्रासाउंड कराने हेतु रामगढ़ बाजार पहुंचा वहां वह किसकी सलाह पर गैलेक्सी डायग्नोस्टिक सेंटर पहुंच गया यह तो नहीं पता लेकिन वहा के रिपोर्ट के आधार पर उसका गरीबी में आटा गिला जरूर हो गया वहा पर अकुशल व्यक्ति द्वारा अल्ट्रासाउंड किए जाने का परिणाम ये रहा कि उसे अपना खेत गिरवी रखना पड़ गया 06 मार्च को उक्त केंद्र द्वारा जो रिपोर्ट दी गई है वह पूरी तरह भ्रामक और स्वास्थ्य महकमे पर सवाल खड़ा करने वाली है रिपोर्ट में दर्शाया गया है कि उसके गर्भ में एक बच्चा है जब कि आप्रेशन के दौरान दो बच्चे पैदा हुए आपरेशन के बाद एक बच्चे की मौत हो गई जिस निजी अस्पताल में बिमलेश की पत्नी रूबी का आपरेशन हुआ वह अस्पताल भी किसी से कम नही विमलेश के अनुसार 70 हजार रुपए उक्त अस्पताल ने लिया उसके अलावा जो शिशु जीवित बच गया था उसके उपचार में भी वह अब तक 70 से 80 हजार रुपए खर्च करने की बात बता रहा है इस संबंध जब जानकारी का प्रयास किया गया तो ९१२९००७५६५ नंबर से फोन आया और बताया गया के मै गैलेक्सी डायग्नोस्टिक सेंटर से बोल रहा हूं हमने रिपोर्ट में लिखा था रिस्केन इसका मतलब होता है पुनः जांच करवाए रिपोर्ट में लिखा है लेबल टू । जबकि लेबल टू उस समय होता है जब भ्रूण पांच से सात सप्ताह का होता । जानकारों का कहना है कि सारी रिपोर्ट कमियों के दायरे में है।

क्षेत्र के लोगों का कहना है कि इस सेंटर पर कोई रेडियो लॉजिस्ट नहीं फिर भी धड़ल्ले से कारोबार चल रहा है। इसमें स्वास्थ्य विभाग के कतिपय अधिकारियों की भूमिका भी संदिग्ध है।

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