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हजारों कार्यकर्ता संयुक्त रूप से सहरसा में विशाल जुलूस निकाल कर सहरसा समाहर्ता के समक्ष जोड़दार प्रदर्शन किया।।

हजारों कार्यकर्ता संयुक्त रूप से सहरसा में विशाल जुलूस निकाल कर सहरसा समाहर्ता के समक्ष जोड़दार प्रदर्शन किया।।

अंशु कुमार ठाकुर सहरसा बिहार।

 

आज सहरसा जिला में बदलो सरकार बचाओ बिहार अभियान के सीपीआईएम और सीपीआई के राज्यव्यापी आह्वान पर आज दोनों पार्टी के हजारों कार्यकर्ता संयुक्त रूप से सहरसा में विशाल जुलूस निकाल कर सहरसा समाहर्ता के समक्ष जोड़दार प्रदर्शन किया।।दोपहर से हजारों प्रदर्शनकारी लाल झंडा थामे बदलो सरकार बचाओ बिहार के गगनभेदी नारे लगाते हुए शहर का चक्कर लगाते हुए समाहरणालय पहुंचा।जुलूस के दौरान पूरा शहर लाल झंडा से पट गया।इस संयुक्त प्रदर्शन में किसानों,मजदूरों,महिलाओं और छात्र _ युवाओं ने बड़ी भागीदारी दी।प्रदर्शन में शामिल लोग अपने मांगों के समर्थन में समाहरणालय गेट पर भारी नारेबाजी कर अपने गुस्से का इजहार कर रहे थे।बाद में यह प्रदर्शन सभा में तब्दील हो गया।

जिसकी अध्यक्षता सीपीआईएम जिला सचिव परमानंद ठाकुर और सीपीआईएम जिला मंत्री रंधीर यादव ने किया सभा को संबोधित करते हुए सीपीआईएम राज्य मंडल सदस्य विनोद कुमार ने कहा कि आज के दिन पूरे बिहार के समाहरणालयों पर सीपीआईएम और सीपीआई संयुक्त रूप से बदलो सरकार बचाओ बिहार के नारे के साथ प्रदर्शन कर रही है।उन्होंने कहा बिहार में पिछले 17 वर्षों से नीतीश कुमार के नेतृत्व में डबल इंजन की सरकार चल रही है।इन 17 वर्षों के कार्यकाल पर गौर करने से साफ पता चलता है कि बिहार की नीतीश सरकार भी केन्द्र की मोदी सरकार के नक्शे कदम पर चलती हुई,बिहार के विकाश के लिए कोई ठोस कदम नहीं उठा सकी।बेरोजगारी लगातार बेलगाम होकर बढ़ती चली गई

जिससे पलायन बिहार के युवाओं के लिए नासूर बन गया।सिर्फ 17 वर्षों से अलग बीच में 2022 में महागठबंधन की सरकार जब 17 महीने मात्र चली,जिसमें उपमुख्यमंत्री तेजस्वी यादव थे,उस कार्यकाल में 05 लाख से ज्यादा युवाओं को महागठबंधन के घोषणा के अनुरूप सरकारी नौकरी दी गई।उसके बाद फिर भाजपा जेडीयू की सरकार नौकरी देने के नाम पर जो भी प्रतियोगिता परीक्षाएं ली सभी के पेपर लीक हुए,बदले में युवाओं को हताशा के सिवा कुछ नहीं मिला।का काम नहीं हो पाया।मंहगाई लगातार बढ़ रही है,जिससे आम लोगों का जीना दुभर हो गया।भ्रष्टाचार पर जीरो टॉलरेंस की बात करने वाली सरकार में हालत यह है कि लोग वीणा रिश्वत के किसी भी ऑफिस में कोई भी काम नहीं करवा सकते।सुशासन और कानून का राज की बात करने बाली सरकार में जिसके ऊपर सुशासन और कानून को कायम रखने की जिम्मेदारी है यानि पुलिस भी आज सुरक्षित नहीं है।अभी हाल ही में दो पुलिस पदाधिकारी का एक तरह से मौवलिंचिंग इसका बड़ा उदाहरण है।

 

बेटी बचाओ बेटी पढ़ाओ और नारी सशक्तिकरण की नारा देने बाली सरकार में बेटियों के साथ रोज बलात्कार कर उसकी हत्याएं करना आम बात हो गई। उन्होंने कहा नारी सम्मान का असल नजारा तो जेडीयू के विधायक गोपाल मंडल होली पर नारी को खुला अपशब्द बोल कर पेश किए हैं।बिहार को विशेष राज्य का दर्जा की बात तो दूर विशेष पैकेज भी आज नीतीश कुमार के एजेंडे से गायब है,यह है नीतीश कुमार का मोदी भक्ति का नमूना।किसानों 2024 के आम चुनाव में केंद्र में भाजपा की सरकार जो 400 पार का नारा लगा रही थी,वह स्पष्ट बहुमत से काफी दूर रह गई,बल्कि उसे बैसाखी का सहारा लेना पड़ा।संविधान,जनतंत्र और धर्मनिरपेक्षता को मोदी सरकार लगातार कमजोर करने में लगी है और अपने को लोहियावादी कहने वाले नीतीश कुमार उसके गलबहियां करने में लगे हैं।बिहार में जातीय सर्वे के आधार पर अनुसूचित जाति,पिछड़ी जाति और अन्य पिछड़े जातियों के लिए 65% आरक्षण लागू किया गया,जिसे उच्च न्यायालय और उच्चतम न्यायालय के द्वारा रोक दिया गया,जिसे संविधान की 9वीं अनुसूची में डाले बगैर लागू करना संभव नहीं होगा।

उन्होंने बिहार की नीतीश सरकार से सबालिया लहजे में पूछा कि केंद्र में भी एनडीए और बिहार में भी एनडीए की सरकार है,तो ऐसे में 9वीं अनुसूची में शामिल कराने में बिहार सरकार की क्या मजबूरी है? वही सीपीआई राज्य मंडल सदस्य ओमप्रकाश नारायण ने कहा बिहार में नीतीश कुमार की सरकार फिस्डी सरकार हैं जिसमें पंचायत से लेकर हरेक जगह जबतक आप सरकारी कर्मचारी को चढ़ावा नही चढ़ाईएगा कोई काम नही होगा उन्होंने कहा अगामी विधान सभा चुनाव में महागठबंधन पूरी मजबूती से जनता के ज्वलंत मुद्दों को लेकर जनता के बीच जाकर अपनी निर्णायक उपस्थिति दर्ज कराएगी।प्रदर्शन को संबोधित करते हुए सीपीआईएम जिलामंत्री रंधीर यादव ने कहा कि नीतीश सरकार ने जो 2024 के चुनाव से पहले बेघर भूमिहीनों को 05 डिसमिल जमीन और घर का वादा किया,उस पर कोई काम नहीं किया।किसानों को फसल का लाभकारी दाम मिले इसके लिए न्यूनतम समर्थन मूल्य को कानूनी दर्जा को जरूरी बताया।लोगों को 200 यूनिट फ्री बिजली का वादा किया,क्या हुआ बदले में उल्टे स्मार्ट मीटर लगवा कर लोगों से बड़े पैमाने पर फर्जी बिल वसूली में लगी है।बिहार के 94 लाख परिवारों का सर्वे कर उस सभी परिवारों के एक_एक युवाओं को दो_दो लाख रुपए फ्री में व्यवसाय के लिए देने की नीतीश कुमार के घोषणा आज ठंडे बस्ते में है।जमीनों के सर्वे के नाम पर किसानों का बड़े पैमाने पर भयादोहन किया जा रहा है।

बढ़ती हुई बेरोजगारी पर बोलते हुए उन्होंने कहा युवा बेहाल हैं,तो नीतीश सरकार अगर थोड़ा भी युवा हितैषी है तो तुरंत युवाओं को रोजगार दे या तत्काल उसे दस हजार महीना बेरोजगारी भत्ता दे।मनरेगा के तहत 200 दिन काम की गारंटी करने से भी लोगों को काम मिल सकेगा।भूमिहीनों,गरीबों,किसानों,मजदूरों,छात्र और युवाओं के हक की लड़ाई को हम दोनों वामपंथी दल निर्णायक तौर पर जारी रखेंगे।प्रदर्शनकारियों की ओर मांगों से संबंधित स्मारपत्र समाहर्ता को सोपा गया। जिसमें मजदुर नेता दिलीप ठाकुर, कुलानंद कुमार, गुरूदेव शर्मा, शिवानंद विश्वास आदि नेताओं ने भाग किया

अंशु कुमार ठाकुर सहरसा बिहार।

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