अवैध विद्यालय व शैक्षिक भ्रष्टाचार के खिलाफ प्रदर्शन कर, डीएम को सौंपा ज्ञापन
सोनभद्र /सत्यनारायण मौर्य/संतेश्वर सिंह

जनपद में व्याप्त शैक्षिक अव्यवस्थाओं एवं बढ़ते भ्रष्टाचार के विरोध में अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद (अभाविप) के प्रतिनिधिमंडल ने जिलाधिकारी को ज्ञापन सौंपकर कड़ी कार्रवाई की मांग की। ज्ञापन में आरोप लगाया गया कि जिले में कई विद्यालय बिना मानक एवं मान्यता के संचालित हो रहे हैं, जो नियमों का खुला उल्लंघन है। साथ ही कोचिंग संस्थानों की स्थिति भी चिंताजनक बताई गई, जहां क्षमता से अधिक विद्यार्थियों का प्रवेश लेकर शैक्षणिक गुणवत्ता से समझौता किया जा रहा है। अभाविप ने शिक्षा विभाग के अधिकारियों की संलिप्तता की आशंका जताते हुए कहा कि अभिभावकों से मनमानी फीस वसूली, जबरन स्टेशनरी व यूनिफॉर्म खरीदने का दबाव तथा केवल परीक्षा के समय विद्यार्थियों को बुलाकर धन उगाही जैसे मामले सामने आ रहे हैं। कई महाविद्यालयों में नियमित कक्षाएं न चलने और केवल परीक्षा के समय उपस्थिति दर्ज कराने की प्रवृत्ति पर भी सवाल उठाए गए। ज्ञापन में यह भी कहा गया कि फार्मेसी एवं अन्य महाविद्यालयों में प्रयोगशाला, योग्य फैकल्टी और बुनियादी सुविधाओं का अभाव है, जिससे विद्यार्थियों के भविष्य के साथ खिलवाड़ हो रहा है। जिले में सीमित मान्यता प्राप्त कोचिंग संस्थानों के बावजूद बड़ी संख्या में अवैध कोचिंग सेंटर संचालित होने की बात भी रखी गई। अभाविप ने आरोप लगाया कि नए सत्र की शुरुआत के साथ ही फीस वृद्धि, पुनः प्रवेश, किताब-कॉपी और ड्रेस के नाम पर स्कूलों की मनमानी बढ़ गई है, जबकि शिक्षा विभाग की जांच प्रक्रिया केवल औपचारिकता बनकर रह गई है।प्रतिनिधिमंडल ने जिलाधिकारी से अवैध विद्यालयों व कोचिंग संस्थानों की उच्च स्तरीय जांच कर दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई, शिक्षा व्यवस्था में पारदर्शिता और मानकों के पालन को सुनिश्चित करने की मांग की। चेतावनी दी गई कि समस्याओं का समाधान न होने पर परिषद व्यापक आंदोलन करेगी। इस दौरान राष्ट्रीय कार्यकारिणी सदस्य मनमोहन निषाद, विभाग संयोजक सौरभ सिंह, प्रांत संयोजक अनमोल सोनी, जिला संयोजक ललितेश मिश्र, प्रांत SFS सह संयोजक राहुल जलान, तहसील संयोजक योगेश सहित अन्य कार्यकर्ता मौजूद रहे।














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