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भीलवाड़ा में धूमधाम से मनाया गया जश्ने ईद मिलादुन्नबी

सत्यार्थ न्यूज़ भीलवाड़ा राजस्थान
अब्दुल सलाम रंगरेज

भीलवाड़ा में धूमधाम से मनाया गया जश्ने ईद मिलादुन्नबी

गाड़ियों पर सजाई गई झांकियां-

ईद मिलादुन्नबी के मौके पर भीलवाड़ा सहित आसपास के कस्बों में धूमधाम से जुलूस निकाला गया।
सोमवार को जश्ने ईद मिलादुन्नबी का त्योहार बड़े धूमधाम से मनाया गया। भीलवाड़ा शहर सहित जिलेभर में मुस्लिम समाज के द्वारा जुलूस निकाला गया।

मुस्लिम समाज ने ईद मिलादुन्नबी के मौके पर जुलूस निकाला। जुलूस में महिला, पुरुष, युवा ,बुजुर्ग सभी हर्ष और उल्लास के साथ जुलूस में शामिल हुए।जिसमें कई गाड़ियों पर सजी झांकियां आकर्षण का केंद्र रही। भीलवाड़ा के आसपास के क्षेत्र से हमीरगढ़, सांगानेर, पुर, मांडल ,बनेड़ा क्षेत्र से मुस्लिम समाज के लोग काफी संख्या में पहुंचे।

सोमवार को जश्ने ईद मिलादुन्नबी का त्योहार बड़े धूमधाम से मनाया गया। जिला मुख्यालय सहित जिलेभर में मुस्लिम समाज के द्वारा जुलूस निकाला गया। पैगंबर हजरत मोहम्मद का जन्मदिन धूमधाम से मनाया गया।

 

मुस्लिम समाज ने ईद मिलादुन्नबी के मौके पर जुलूस निकाला। जिसमें कई गाड़ियों पर सजी झांकियां आकर्षण का केंद्र रही। मुख्य जुलूस रेलवे स्टेशन के निकट सीरत सराय से निकाला गया। यहां शहर की विभिन्न कॉलोनी और आसपास के गांव से मुस्लिम लोग पहुंचे और जुलूस के रूप में रवाना हुए। स्टेशन चौराहे से सरकारी दरवाजा, गोल प्याऊ, नेताजी सुभाष मार्केट, भीमगंज, पुराना भीलवाड़ा के मार्गों से होता हुआ तेजाजी चौक में संपन्न हुआ।

 

 

मार्ग में जुलूस का जगह-जगह स्वागतम किया गया। इस दौरान बड़ी संख्या में लोग जुलूस में शामिल हुए। जुलूस को लेकर पुलिस प्रशासन ने सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम किए। जुलूस में शहर काजी मुफ्ती अशरफ जिलानी अजहरी एक गाड़ी में सवार रहे और इस दौरान लोगों ने जमकर नारे लगाते हुए खुशियां मनाई।
भीलवाड़ा शहर काजी-ए-शहर मुफ्ती अशरफ जिलानी अजहरी ने बताया कि हज़रत आदम अलैहिस्सलाम से लेकर आखिर रसूल-ए-पाक हज़रत मोहम्मद सल्लल्लाहु अलैहि वसल्लम तक जितने भी नबी व रसूल इस दुनिया में आये, वह सब इंसानों को तौहीद, एकता और इंसानियत की दावत देने के लिए आए। आख़िरी रसूल-ए-पाक हज़रत मोहम्मद सल्ल्लाहु अलैहि वसल्लम पूरी दुनिया के लिए रहमत बनकर आए। आपने इंसानों को उसके हकीकी मालिक से मिलाया। रसूल-ए-पाक पर नाज़िल होने वाली किताब कुरआन-ए-पाक भी एक विशेष क़ौम व मिल्लत के लिए नहीं बल्कि उसमें सभी इंसानों के लिए अल्लाह का संदेश है व हिदायत है। ईद मिलादुन्नबी त्योहार में सभी को शामिल करें। अमन शांति से त्योहार मनाएं। मोहब्बत का पैग़ाम करें। जलसा, महफिल-ए-मिलादुन्नबी के जरिए रसूल-ए-पाक की तालीम को आम करें।

इस मौके पर मुस्लिम समाज के द्वारा शहर की जामा मस्जिद, पिंजारो की मस्जिद, सिलावटों की मस्जिद, मस्जिद सहित मुस्लिम मोहल्लों को रंग बिरगी रोशनी व झंडों से सजाया गया।

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