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हिंदी दिवस के मौके पर उत्क्रमित उच्चतर माध्यमिक विद्यालय कोहारी हुआ बाल साहित्य सम्मेलन सह गुरुगोष्ठी का सफल आयोजन।

हिंदी दिवस के मौके पर उत्क्रमित उच्चतर माध्यमिक विद्यालय कोहारी हुआ बाल साहित्य सम्मेलन सह गुरुगोष्ठी का सफल आयोजन।

ब्यूरो, सत्यम कुमार उपाध्याय

कैमूर। उत्क्रमित उच्चतर माध्यमिक विद्यालय कोहारी में हिंदी दिवस के मौके पर विद्यार्थियों और शिक्षकों के मध्य साहित्य के रचनात्मक पहलुओं पर वाद विवाद और साहित्य सम्मेलन का सफल आयोजन हुआ, जिसमें कई विद्यार्थियों ने कविता,कहानी , चुटुलों और पहेलियों के मध्यम से हिंदी भाषा के कई स्वरूपों का प्रदर्शन किया। इस मौके पर विद्यालय के प्रधानाध्यापक राकेश कुमार ने भारतीयता और हिंदी भाषा का महत्त्व पर व्याख्यान प्रस्तुत किया और हिंदी के मानव जीवन में सम्मिलित होते कई पहलों से रूबरू कराया। साथ ही विद्यालय पठन–पाठन में हिंदी भाषा और व्याकरण की जरूरतों और जानकारियों पर जोर दिया।

 

वहीं विद्यालय के हिंदी शिक्षक लाल साहब पांडेय ने बच्चों के बीच हिंदी दिवस और उसके महत्व और बढ़ते दायरा का भी जिक्र किया। संविधान में हिंदी भाषा राज्यभाषा के गौरव से विभूषित है। आज हिंदी भाषा का विदेशों में महत्व हिंदुस्तान नाम से भी जोड़ कर देखा जाता हैं। वहीं उन्होंने स्वरचित कविता –मैं हिंदी हूं शीर्षक का कविता पाठ भी किया। इसी क्रम में बच्चों को संबोधित करते हुए हरिशंकर कुमार गुप्ता ने हिंदी को मां भारती का प्राणवायु बतलाया और हिंदी भाषा को और व्यापक बनाने पर बल दिया।

हिंदी साहित्य सम्मेलन को संबोधित करते हुए शिक्षक आशीष जायसवाल ने बताया कि जिस प्रकार भारत वर्ष अहिंसा और वसुधैव कुटुंबकम् के लिए जाना जाता है उसी प्रकार हिंदी भाषा के लिए भी भारत विदेशों में जाना जाता हैं। अपने व्यावहारिक और दैनिक जीवन में हम सभी को ज्यादातर हिंदी भाषा के शब्दों को ही प्रयोग में लाया चाहिए –अपना विचार व्यक्त करते हुए सामाजिक विज्ञान के शिक्षक जितेंद्र कुमार सिंह कुशवाहा ने ऐसा कहा।

वहीं आशीष कुमार शिक्षक विषय गणित ने भी हिंदी भाषा के प्रशंसा में कसीदे पढ़े और कहा कि बिना हिंदी भाषा के भारतीय समाज में गणित पढ़ना भी निरश ही लगता है। इसी कड़ी को आगे बढ़ाते हुए विज्ञान शिक्षक मनोज कुमार ने बच्चों से हिंदी साहित्य के कई बिंदुओं पर चर्चा किया और राष्ट्रकवि मैथिलीशरण गुप्त जी और रामधारी सिंह दिनकर जी के साहित्य से प्रेरणाओं को ग्रहण करने की बात कही।

हिंदी साहित्य सम्मेलन को सफल बनाने में माध्यमिक और उच्चतर माध्यमिक विद्यालय के बच्चों ने भी महत्ति प्रयास किया और कई मनोरंजक और ज्ञानारंजक कविता और कहानियों से मन मोह लिया। इन विद्यार्थियों में प्रियंका कुमारी, रीनू कुमारी, रिमझिम, सद्दाम हुसैन, दिलीप कुमार, ज्योति,जागृति, अमृता, अंजली, अन्नू, आदित्य, अरसद, अनवर, पवन, परमात्मा, रौनक , सोनी, इशरती, अंसारूल और अन्य विद्यार्थियों ने भाग लिया और हिंदी भाषा और शिक्षकों के सम्मान में कई दोहा, कविता और मनोरंजक हकानियों को प्रस्तुत किया।

अंत में धन्यवाद प्रस्तुत करते हुए कक्षा बारहवीं की छात्रा चंदा कुमारी ने अपने सहपाठियों के साथ संकल्प लिया कि आज से हम सभी अपने गुरुजनों के सम्मान में अभिवादन और बातचीत भी हिंदी भाषा में ही करने का प्रयास करेंगे। वही हिन्दी दिवस के अवसर पर विद्यालय के शिक्षक हरिचरण सिंह, उमेश उपाध्याय, रामनारायण सिंह, जुनैद अख्तर अंसारी, सत्य प्रकाश, शिल्पी कुमारी, ‍शबा परवीन समेत विद्यालय के सभी शिक्षक मौजूद थे।

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